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विरोध के बाद बदला गया था फिल्म का नाम भी
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 20 Nov 2017 12:44 AM IST
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मुजफ्फरनगर में फिल्म का विरोध करते संत।
- फोटो : अमर उजाला
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2013 में हुए दंगों पर केंद्रित फिल्म मुजफ्फरनगर द बर्निंग लव के साथ विवाद शुरू से ही खड़े हो गए थे। विरोध के बाद फिल्म निर्माता ने इसका नाम भी मुजफ्फरनगर 2013 से बदलकर मुजफ्फरनगर द बर्निंग लव किया गया। 17 नवंबर को रिलीज हुई इस फिल्म का वेस्ट यूपी में अभी तक प्रदर्शन नहीं हो पाया है। फिल्म निर्माता का कहना है कि प्रशासनिक दबाव के चलते फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जा रहा है। रविवार को उन्होंने नावल्टी सिनेमा हाल में फिल्म चलाने का प्रयास किया तो पुलिस ने शो रुकवाया दिया।
इस फिल्म का निर्माण करने वाले मनोज मांडी जिले के गांव मांडी के रहने वाले हैं। रविवार को वह फिल्म के कलाकारों और मोरना, शुक्रताल के कुछ साधुओं को भी साथ लेकर पहुंचे। पुलिस ने सिनेमाघर पर एकत्र भीड़ को भगा दिया। निर्माता और अन्य लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया तो पुलिस ने सख्ती करने लगी, फिल्म के एक कलाकार मनोज पाल को हिरासत में लेकर जीप में डाल लिया।
कलाकार को पकड़ऩे पर फिल्म टीम, निर्माता और साधुओं ने प्रशासन, पुलिस के खिलाफ हंगामा किया। आक्रोशित निर्माता मनोज और उनका पुत्र राजा बालियान पुलिस जीप के आगे लेट गए। हंगामा कर भीड़ ने कलाकार को छुड़वा लिया। निर्माता मनोज मांडी का आरोप है कि प्रशासन ने सीएम योगी की रैली समाप्त होने के बाद फिल्म के प्रदर्शन को हरी झंडी दी थी, लेकिन अब इसे नहीं चलने दिया जा रहा है। प्रशासन जानबूझकर उनकी फिल्म रोक रहा है। इसको लेकर मनोज मांडी ने सेंसर बोर्ड, मुंबई में निर्माता-लेखक संघ को शिकायत भेजी है।
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आपत्ति को लिखकर दे प्रशासन
मुजफ्फरनगर। निर्माता और कलाकारों ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने से आक्रोश है। फिल्म को प्रशासन खुद देख चुका है। उसके बाद भी जिले में नहीं चलने दी जा रही है। निर्माता ने आपत्ति को लिखित में मांगा है। उनका कहना है कि लखनऊ के साथ देश के अन्य हिस्सों में फिल्म चल रही है। दो दिन में फिल्म नहीं चलने से उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा है।
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इस फिल्म का निर्माण करने वाले मनोज मांडी जिले के गांव मांडी के रहने वाले हैं। रविवार को वह फिल्म के कलाकारों और मोरना, शुक्रताल के कुछ साधुओं को भी साथ लेकर पहुंचे। पुलिस ने सिनेमाघर पर एकत्र भीड़ को भगा दिया। निर्माता और अन्य लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया तो पुलिस ने सख्ती करने लगी, फिल्म के एक कलाकार मनोज पाल को हिरासत में लेकर जीप में डाल लिया।
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कलाकार को पकड़ऩे पर फिल्म टीम, निर्माता और साधुओं ने प्रशासन, पुलिस के खिलाफ हंगामा किया। आक्रोशित निर्माता मनोज और उनका पुत्र राजा बालियान पुलिस जीप के आगे लेट गए। हंगामा कर भीड़ ने कलाकार को छुड़वा लिया। निर्माता मनोज मांडी का आरोप है कि प्रशासन ने सीएम योगी की रैली समाप्त होने के बाद फिल्म के प्रदर्शन को हरी झंडी दी थी, लेकिन अब इसे नहीं चलने दिया जा रहा है। प्रशासन जानबूझकर उनकी फिल्म रोक रहा है। इसको लेकर मनोज मांडी ने सेंसर बोर्ड, मुंबई में निर्माता-लेखक संघ को शिकायत भेजी है।
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आपत्ति को लिखकर दे प्रशासन
मुजफ्फरनगर। निर्माता और कलाकारों ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने से आक्रोश है। फिल्म को प्रशासन खुद देख चुका है। उसके बाद भी जिले में नहीं चलने दी जा रही है। निर्माता ने आपत्ति को लिखित में मांगा है। उनका कहना है कि लखनऊ के साथ देश के अन्य हिस्सों में फिल्म चल रही है। दो दिन में फिल्म नहीं चलने से उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा है।