फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Only women from Jain saints can not meet

अब जैन साधु से नहीं मिल सकेंगी अकेली महिलाएं

Sat, 04 Aug 2018 12:34 AM IST
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो Updated Sat, 04 Aug 2018 12:34 AM IST
विज्ञापन
Only women from Jain saints can not meet
meeting - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। जैन मुनि नयन सागर के वीडियो वायरल प्रकरण के बाद जैन समाज के तीन संघों की दिल्ली में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि एकल विहारी मुनियों को भारत का कोई भी जैन समाज प्रश्रय नहीं देगा। महिलाएं पांच हाथ दूर से दर्शन करेंगी, साथ ही अकेली महिला संतों से नहीं मिल सकेंगी।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को बालाश्रम दरियागंज दिल्ली में आयोजित बैठक में अखिल भारत वर्षीय दिगंबर जैन महासभा, अखिल भारतीय दिगंबर जैन महासमिति तथा दिगंबर जैन परिषद आदि राष्ट्रीय संस्थाओं ने गहन मंत्रणा की। जिन नये नियम के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है, उनमें महिलाओं को लेकर अधिक संवेदनशीलता बरती गई है। दिगंबर जैन महासमिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक बड़जात्या की ओर से जारी निर्णयों में बताया गया है कि एकल विहारी मुनियों को भारत का कोई भी समाज प्रश्रय नहीं देगा।
विज्ञापन


आचार्य संघ से दीक्षित साधु विशेष परिस्थितियों को छोड़कर एकल विहारी न हों। यदि साधु संघ छोड़कर जाने की कोशिश करें तो समाज सचेत करे।  आचार्य गण ध्यान रखें कि अपने संघस्थ साधुओं या उनके द्वारा दीक्षित साधुओं को आचार्य पदवी प्रदान नहीं करें। एक संघ में एक ही आचार्य होना चाहिए।  अगर कोई साधु छोड़ने को दबाव बनाये तो भी उन्हें आचार्य पदवी प्रदान नहीं करें। साधु संतों से आर्यिका संघ एकदम पृथक रहे। आचार्य के शिक्षण कार्य के दौरान ही एक जगह बैठ सकते हैं। महिलाएं शिक्षण के समय या दर्शन के वक्त कम से कम पांच हाथ दूर ही रहें। आहार के समय भी एक-दो पुरुषों की उपस्थित रहना अनिवार्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अकेले महिलाएं आहारचर्या पूरा नहीं करा सकती। एक या दो महिलाएं बगैर पुरुषों की उपस्थिति के जैन साधुओं से न तो मिल सकती हैं और न ही वार्तालाप कर सकती हैं। महिलाएं स्थायी रुप से संतों के साथ निवास नहीं कर सकती। यह जिम्मेदारी स्थानीय समाज को उठानी होगी। आगम की व्यवस्था के अनुरूप चातुर्मास के समय को छोड़कर एक शहर या एरिया में संघ अधिक से अधिक 15 दिन प्रवास कर सकेगा।

तत्पश्चात उन्हें विहार करना होगा। एक बार किसी दुष्कृत्य में लिप्त पाये जाने पर उस साधु की पुन: दीक्षा नहीं की जा सकती। उसे फिर आजीवन गृहस्थ बनकर ही रहना होगा। हर आचार्य उनके द्वारा दीक्षित साधुओं की एक सूची प्रदान करें ताकि स्वयं ही दीक्षा लेकर घूमने वाले साधुओं की पहचान हो सके और उनके द्वारा दीक्षित साधुओं की जिम्मेदारी आचार्यों पर रहेे। बैठक में राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष सुरेंद्र बाकलीवाला एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सतीश जैन जींद की मौजूदगी में यह दस सूत्रीय नियमावली बना दी गई है।  उधर, अखिल भारत वर्षीय दिगंबर जैन संघों की बैठक में लिए गए दस निर्णयों को देश के अतिशय क्षेत्रों की प्रबंध समितियों को भेज दिया गया है। निर्देशित किया गया है कि नियमों की सूचना फ्लेक्स बनाकर मंदिरों में लगा दी जाए।

सकल जैन समाज ने सीबीआई जांच की मांग
मुजफ्फरनगर। भारतीय सकल जैन समाज की बैठक में जैन मुनि नयन सागर प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से की गई है। घटना पर अफसोस जताते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रकरण में जैन मुनि का नाम जोड़ना अफसोस जनक है। बैठक में मौजूद लोगों ने जैन मुनि पर लगे आरोपों की सीबीआई जांच कराने की मांग की। साथ ही धार्मिक पैनल गठित कर आरोपों के आधार की जांच भी कराई जाए। कहा कि साधकों की तपस्या का फैसला समाज के कुछ लोग नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा मांग की गई कि आरोप लगाने वाले लोगों की भी जांच की जाए, जिससे पूर मामले की सही जांच हो पाए। अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष प्रदीप जैन और संचालन महामंत्री संजय जैन ने किया। मौके पर राजीव जैन, प्रदीप जैन, विपिन जैन, अमित जैन, गौरव जैन, दीपक जैन, राजकुमार जैन, अजय जैन, संजय जैन आदि मौजूद रहे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed