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Muzaffarnagar News: जिले में 4435 दिव्यांग बच्चों पर मात्र 18 विशेष शिक्षक
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प्राथमिक स्कूलों में 20 दिव्यांग बच्चों पर होना चाहिए एक विशेष शिक्षक
200 से ज्यादा विशेष शिक्षकों की कमी है सरकारी स्कूलों में
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों की शिक्षा विशेष शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही है। जिले के 951 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के लिए मात्र 18 ही विशेष शिक्षकों की तैनाती है। 200 से ज्यादा शिक्षकों की कमी हैं।
जिले के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 4435 दिव्यांग बच्चों को चिह्नित किया गया हैं। यह संख्या लक्ष्य के सापेक्ष अधिक है, लेकिन शिक्षकों की कमी है। जनपद के 4435 दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने के लिए मात्र 18 ही विशेष शिक्षक है। मानकों के मुताबिक कक्षा एक से आठ तक के 20 दिव्यांग बच्चों पर एक विशेष शिक्षक का होना जरूरी हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग की माने तो जनपद में 4200 से अधिक दिव्यांग बच्चों को चिह्नित करने लक्ष्य था। मगर, जनपद में लक्ष्य से अधिक 4435 बच्चे चिह्नित किए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक सुशील कुमार ने बताया कि 4435 दिव्यांग बच्चों को चिह्नित किया गया था। सभी विद्यालयों में 18 विशेष शिक्षक हैं। ऐसे में करीब 203 विशेष शिक्षकों की कमी हैं।
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200 से ज्यादा विशेष शिक्षकों की कमी है सरकारी स्कूलों में
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों की शिक्षा विशेष शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही है। जिले के 951 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के लिए मात्र 18 ही विशेष शिक्षकों की तैनाती है। 200 से ज्यादा शिक्षकों की कमी हैं।
जिले के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 4435 दिव्यांग बच्चों को चिह्नित किया गया हैं। यह संख्या लक्ष्य के सापेक्ष अधिक है, लेकिन शिक्षकों की कमी है। जनपद के 4435 दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने के लिए मात्र 18 ही विशेष शिक्षक है। मानकों के मुताबिक कक्षा एक से आठ तक के 20 दिव्यांग बच्चों पर एक विशेष शिक्षक का होना जरूरी हैं।
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बेसिक शिक्षा विभाग की माने तो जनपद में 4200 से अधिक दिव्यांग बच्चों को चिह्नित करने लक्ष्य था। मगर, जनपद में लक्ष्य से अधिक 4435 बच्चे चिह्नित किए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक सुशील कुमार ने बताया कि 4435 दिव्यांग बच्चों को चिह्नित किया गया था। सभी विद्यालयों में 18 विशेष शिक्षक हैं। ऐसे में करीब 203 विशेष शिक्षकों की कमी हैं।
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