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घर-घर होगा पोषाहार का वितरण
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घर-घर होगा पोषाहार का वितरण
मुजफ्फरनगर। जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा ने बताया कि सितंबर माह में तृतीय राष्ट्रीय पोषण माह अभियान चल रहा है। यह अभियान 30 सितंबर चलेगा। इसके तहत घर-घर पोषाहार का वितरण किया जाएगा।
डीपीओ वर्मा ने बताया कि पोषण माह का आयोजन का मुख्य उद्देश्य कुपोषण को जड़ से मिटाना है। अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उन्हें आवश्यक उपचार हेतु पोषण पुनर्वास केंद्र जिला चिकित्सालय में भेजकर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि बच्चे के जीवन में उसके एक हजार दिन बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। जरूरी है कि बच्चे को जन्म के एक घंटे के अंदर अनिवार्य रूप से मां का दूध दें। जन्म के छह माह तक बच्चे को केवल स्तनपान तथा दो वर्ष तक सतत स्तनपान कराएं। छह माह की आयु पूर्ण करने के बाद ऊपरी आहार बच्चे को देना शुरू करें। स्तनपान के साथ ऊपरी आहार से बच्चे के कुपोषण के स्तर में कमी आती है। अत: स्तनपान कराने में माताओं को सहयोग तथा बढा़वा दिया जाना चाहिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि बच्चों, गर्भवती, धात्री माताओं एवं किशोरियों के भोजन में सभी सूक्ष्म पोषक तत्व, विटामिन, केे लिए पोषण वाटिका को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए जनपद में पंचायतीराज, उद्यान, कृषि एवं शिक्षा विभाग के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राइमरी विद्यालय ग्राम सभा की उपलब्ध जमीन पर पोषण वाटिका बनाई जा रही है।
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मुजफ्फरनगर। जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा ने बताया कि सितंबर माह में तृतीय राष्ट्रीय पोषण माह अभियान चल रहा है। यह अभियान 30 सितंबर चलेगा। इसके तहत घर-घर पोषाहार का वितरण किया जाएगा।
डीपीओ वर्मा ने बताया कि पोषण माह का आयोजन का मुख्य उद्देश्य कुपोषण को जड़ से मिटाना है। अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उन्हें आवश्यक उपचार हेतु पोषण पुनर्वास केंद्र जिला चिकित्सालय में भेजकर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि बच्चे के जीवन में उसके एक हजार दिन बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। जरूरी है कि बच्चे को जन्म के एक घंटे के अंदर अनिवार्य रूप से मां का दूध दें। जन्म के छह माह तक बच्चे को केवल स्तनपान तथा दो वर्ष तक सतत स्तनपान कराएं। छह माह की आयु पूर्ण करने के बाद ऊपरी आहार बच्चे को देना शुरू करें। स्तनपान के साथ ऊपरी आहार से बच्चे के कुपोषण के स्तर में कमी आती है। अत: स्तनपान कराने में माताओं को सहयोग तथा बढा़वा दिया जाना चाहिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि बच्चों, गर्भवती, धात्री माताओं एवं किशोरियों के भोजन में सभी सूक्ष्म पोषक तत्व, विटामिन, केे लिए पोषण वाटिका को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए जनपद में पंचायतीराज, उद्यान, कृषि एवं शिक्षा विभाग के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राइमरी विद्यालय ग्राम सभा की उपलब्ध जमीन पर पोषण वाटिका बनाई जा रही है।
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