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अब केवल मंडी के केंद्र पर होगी धान खरीद
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मुजफ्फरनगर। जिले में धान खरीद के लिए नौ क्रय केंद्र थे, जिनमें आठ को बंद कर दिया गया है। अब केवल नवीन मंडी स्थल पर स्थित क्रय केंद्र पर ही खरीद होगी और यह क्रय केंद्र 31 जनवरी तक चलेगा। बीते कुछ दिनों से केवल दो ही केंद्र पर धान आ पा रहा था।
प्रदेश सरकार ने धान क्रय केंद्रों की संख्या को सीमित कर दिया है। जिले में नौ धान क्रय केंद्रों में से आठ को बंद कर दिया गया है। अब केवल नवीन मंडी स्थल के क्रय केंद्र पर ही खरीद हो सकेगी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश कुमार ने बताया कि बीते कुछ दिनों से केवल दो ही केंद्रों पर धान आ पा रहा था। उसमें भी एक या दो किसान ही आ पाते थे। इनमें शेरपुर और पुरकाजी का क्रय केंद्र शामिल है। यदि किसी किसान के पास धान बचा है तो वह अब सीधे नवीन मंडी स्थल पर अपना धान बेच सकेगा। यह केंद्र 31 जनवरी तक चलेगा। प्रदेश सरकार के आदेश के बाद ऐसा किया गया है।
छह करोड़ 71 लाख का धान खरीदा
जिले में अब तक 880 किसानों से छह करोड़ 71 लाख का धान खरीदा गया है। इनमें से सरकार किसानों के खातों में छह करोड़ 24 लाख डाल चुकी है। 47 लाख दस हजार किसानों के खातों में जाना है जो प्रक्रिया में है।
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केवल 10800 हेक्टेयर में होती है खेती
धान की खेती जिले में सबसे कम क्षेत्रफल में होती है। जनपद में 85 प्रतिशत किसान गन्ने की खेती करते हैं। जनपद में कृषि योग्य भूमि लगभग दो लाख हेक्टेयर हैं। इसमें केवल 10 हजार 800 हेक्टेयर में ही धान की फसल हुई।
जिले में 880 किसानों से खरीदा धान
जनपद में अब तक 880 किसानों से धान की खरीद हुई है। इनमें से 824 किसानों के धान का भुगतान उनके खातों में जा चुका है। बाकी किसानों का भुगतान प्रक्रिया में हैं।
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प्रदेश सरकार ने धान क्रय केंद्रों की संख्या को सीमित कर दिया है। जिले में नौ धान क्रय केंद्रों में से आठ को बंद कर दिया गया है। अब केवल नवीन मंडी स्थल के क्रय केंद्र पर ही खरीद हो सकेगी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश कुमार ने बताया कि बीते कुछ दिनों से केवल दो ही केंद्रों पर धान आ पा रहा था। उसमें भी एक या दो किसान ही आ पाते थे। इनमें शेरपुर और पुरकाजी का क्रय केंद्र शामिल है। यदि किसी किसान के पास धान बचा है तो वह अब सीधे नवीन मंडी स्थल पर अपना धान बेच सकेगा। यह केंद्र 31 जनवरी तक चलेगा। प्रदेश सरकार के आदेश के बाद ऐसा किया गया है।
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छह करोड़ 71 लाख का धान खरीदा
जिले में अब तक 880 किसानों से छह करोड़ 71 लाख का धान खरीदा गया है। इनमें से सरकार किसानों के खातों में छह करोड़ 24 लाख डाल चुकी है। 47 लाख दस हजार किसानों के खातों में जाना है जो प्रक्रिया में है।
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केवल 10800 हेक्टेयर में होती है खेती
धान की खेती जिले में सबसे कम क्षेत्रफल में होती है। जनपद में 85 प्रतिशत किसान गन्ने की खेती करते हैं। जनपद में कृषि योग्य भूमि लगभग दो लाख हेक्टेयर हैं। इसमें केवल 10 हजार 800 हेक्टेयर में ही धान की फसल हुई।
जिले में 880 किसानों से खरीदा धान
जनपद में अब तक 880 किसानों से धान की खरीद हुई है। इनमें से 824 किसानों के धान का भुगतान उनके खातों में जा चुका है। बाकी किसानों का भुगतान प्रक्रिया में हैं।