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दुकान बेचने के बाद नहीं दे रहा कब्जा
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दुकान बेचने के बाद नहीं दे रहा कब्जा
मुजफ्फरनगर। जिले के एक भाजपा कार्यकर्ता पर बैनामे के जरिये दुकान बेचने और पूरा पेमेंट लेने के बाद भी कब्जा नहीं देने तथा पुलिस व प्रशासन के सहारे दबाव बनाने के आरोप लगाया गया है। इस परिवार ने न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह का चेतावनी दी है।
गांव शेरनगर निवासी मांगेराम प्रजापति ने एक रेस्टोरेंट में अपने परिवार के लोगों के साथ प्रेसवार्ता में बताया कि बालाजी रोड पर स्थित दुकान का सौदा एक भाजपा कार्यकर्ता से सौदा हुआ। दुकान के लिए तय कीमत 15 लाख रुपये में से 13 लाख रुपये का चेक और 2 लाख नगद दिए। छत की कीमत के रूप में एक लाख का चेक भी दिया। एक मार्च 2021 को भाजपा कार्यकर्ता ने अपनी पत्नी को तहसील में ले जाकर बैनामा कराया। दुकान उसकी पत्नी के नाम पर ही खरीदी हुई थी। दुकान में मांगेराम ने अपना सामान भरकर ताला लगा दिया। करीब एक सप्ताह पहले भाजपा कार्यकर्ता द्वारा मांगेराम को अदालती नोटिस भेजा गया। जिसमें उसने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी को बहला फुसलाकर दुकान और छत का बैनामा करा लिया गया।
जब वह दुकान पर गए तो वहां दूसरे ताले लगे हुए मिले, उन तालों को तोड़ने लगे तो भाजपा कार्यकर्ता ने अपने भाइयों के साथ उन पर हमला कर दिया। उन्होंने थाने पर शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि थाने में ही आकर उनको फर्जी मुकदमों में फंसवाने और जान से मारने की धमकी दी। मांगेराम और उसकी पत्नी महेंद्री का कहना था कि उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
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मुजफ्फरनगर। जिले के एक भाजपा कार्यकर्ता पर बैनामे के जरिये दुकान बेचने और पूरा पेमेंट लेने के बाद भी कब्जा नहीं देने तथा पुलिस व प्रशासन के सहारे दबाव बनाने के आरोप लगाया गया है। इस परिवार ने न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह का चेतावनी दी है।
गांव शेरनगर निवासी मांगेराम प्रजापति ने एक रेस्टोरेंट में अपने परिवार के लोगों के साथ प्रेसवार्ता में बताया कि बालाजी रोड पर स्थित दुकान का सौदा एक भाजपा कार्यकर्ता से सौदा हुआ। दुकान के लिए तय कीमत 15 लाख रुपये में से 13 लाख रुपये का चेक और 2 लाख नगद दिए। छत की कीमत के रूप में एक लाख का चेक भी दिया। एक मार्च 2021 को भाजपा कार्यकर्ता ने अपनी पत्नी को तहसील में ले जाकर बैनामा कराया। दुकान उसकी पत्नी के नाम पर ही खरीदी हुई थी। दुकान में मांगेराम ने अपना सामान भरकर ताला लगा दिया। करीब एक सप्ताह पहले भाजपा कार्यकर्ता द्वारा मांगेराम को अदालती नोटिस भेजा गया। जिसमें उसने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी को बहला फुसलाकर दुकान और छत का बैनामा करा लिया गया।
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जब वह दुकान पर गए तो वहां दूसरे ताले लगे हुए मिले, उन तालों को तोड़ने लगे तो भाजपा कार्यकर्ता ने अपने भाइयों के साथ उन पर हमला कर दिया। उन्होंने थाने पर शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि थाने में ही आकर उनको फर्जी मुकदमों में फंसवाने और जान से मारने की धमकी दी। मांगेराम और उसकी पत्नी महेंद्री का कहना था कि उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
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