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सही पैरवी नहीं हुई, हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा
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मौ0 सलीम
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। कर्नाटक हाईकोर्ट ने हिजाब पर सरकार के फैसले को बरकरार रखा है। जिसमें अदालत ने कहा है कि हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। विद्यार्थी स्कूल यूनिफॉर्म पहनने से मना नहीं कर सकते। स्कूलों में हिजाब पहनना अनिवार्य नहीं है। फैसले के बाद मुस्लिम बुद्धिजीवियों का कहना है कि वह अदालत के फैसले पर टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन ऐसा लगा रहा है कि अदालत में हिजाब प्रकरण की सही पैरवी नहीं हुई। किस तरह और किसने क्या पक्ष रखा, यह भी स्पष्ट नहीं है। हिजाब पहनना अनिवार्य है।
इस्लाम हिजाब का अनिवार्य हिस्सा
शहर काजी तनवीर आलम का कहना है कि हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा है। कर्नाटक के प्रकरण पर कुछ नहीं कहना, लेकिन कुरान में साफ है कि हिजाब जरूरी है।
हिजाब पर क्यों उठा रहे सवाल
मुफ्ती जुल्फिकार का कहना है कि हिजाब पर सवाल उठाने की जरूरत ही नहीं है। इसकी वजह यह है कि हिजाब हमेशा से इस्लाम का हिस्सा था और अब भी है। अदालत पर टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन हो सकता है कि सही पैरवी नहीं की गई हो। अदालत को सभी तथ्यों से अवगत कराया जाना चाहिए था।
अदालत को करना चाहिए पुनर्विचार
जिला बार संघ अध्यक्ष वसी अंसारी का कहना है कि माननीय अदालत को फैसने पर पुर्नविचार करना चाहिए। हिजाब इस्लाम का सदियों से हिस्सा है। हिजाब या पर्दा तो सभी समुदाय के लोगों के बीच सामाजिक रूप से भी लागू है। अदालत में और अधिक मजबूती से पैरवी होनी चाहिए थी।
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इस्लाम हिजाब का अनिवार्य हिस्सा
शहर काजी तनवीर आलम का कहना है कि हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा है। कर्नाटक के प्रकरण पर कुछ नहीं कहना, लेकिन कुरान में साफ है कि हिजाब जरूरी है।
हिजाब पर क्यों उठा रहे सवाल
मुफ्ती जुल्फिकार का कहना है कि हिजाब पर सवाल उठाने की जरूरत ही नहीं है। इसकी वजह यह है कि हिजाब हमेशा से इस्लाम का हिस्सा था और अब भी है। अदालत पर टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन हो सकता है कि सही पैरवी नहीं की गई हो। अदालत को सभी तथ्यों से अवगत कराया जाना चाहिए था।
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अदालत को करना चाहिए पुनर्विचार
जिला बार संघ अध्यक्ष वसी अंसारी का कहना है कि माननीय अदालत को फैसने पर पुर्नविचार करना चाहिए। हिजाब इस्लाम का सदियों से हिस्सा है। हिजाब या पर्दा तो सभी समुदाय के लोगों के बीच सामाजिक रूप से भी लागू है। अदालत में और अधिक मजबूती से पैरवी होनी चाहिए थी।

काजी तनवीर आलम।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

जिला बार संघ अध्यक्ष --- वसी अंसारी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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