गो के बराबर कोई धन नहीं : स्वामी ओमानंद
मुजफ्फरनगर, मोरना। श्री शुकदेव गोशाला, शुकतीर्थ में गोपाष्टमी के पर्व पर भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने विधिवत गाय की पूजा-अर्चना की। इस अवसर उन्होंने कहा की कि गोपाष्टमी गाय के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रगट करने का पर्व है। गो के बराबर कोई धन नहीं है। गाय की किसी से तुलना नहीं की जा सकती है। गाय कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। गाय भारत की आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है। गाय भारतीय संस्कृति की अमूल्य निधि तथा धरोहर है। गो संरक्षण और संवर्द्धन सभी का नैतिक दायित्व है। गो का दूध अमृत के समान है। गोसेवा सभी के कल्याण और जीवन निर्वहन का प्रतीक है। इस अवसर पर प्रधानाचार्य गिरीश उप्रेती, ज्योतिष आचार्य राम स्नेही शास्त्री कथावाचक अचल कृष्ण शास्त्री, आशीष माधव शास्त्री, बबलू गर्ग, राजू, राजेंद्र यादव, ठाकुर, युवराज तथा छात्र और गो सेवक अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।