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न्यायिक जांच हो, पुलिस से कोई उम्मीद नहीं: जयंत

Thu, 26 Dec 2019 12:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2019 12:42 AM IST
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No hope from police: Jayant
मुजफ्फरनगर के खतौली में सड़क पर धरना देकर बैठे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते रालोद के राष्ट्रीय ? - फोटो : KHATAULI
न्यायिक जांच हो, पुलिस से कोई उम्मीद नहीं: जयंत
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खतौली (मुजफ्फरनगर)। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुई हिंसक घटनाओं को लेकर रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए। पुलिस अपनी जांच नहीं कर सकती। ऐसी घटनाओं की जांच के लिए हम पुलिस की वर्दी से कतई उम्मीद नहीं कर सकते। सरकारी नौकर कभी क्रोध में कोई कार्य नहीं कर सकता। उनका अनुशासन इजाजत नहीं देता। उनके ऊपर बैठे अफसर भी इजाजत नहीं देते हैं।
अलकनंदा गंगनहर पुल के पास पुलिस द्वारा रोके जाने पर जयंत चौधरी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि पार्लियामेंट ने भी कानून बनाया है, इस देश के नागरिक का अधिकार है उस कानून का वे विरोध भी कर सकते हैं। धारा 144 पूरे प्रदेश में लगा देना, सड़क पर उतरकर जो विरोध करता है उसको राष्ट्र विरोधी बता देना, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करना। शासन प्रशासन ने किस अधिकार के तहत लोगों को नोटिस भेजे, किस अधिकार के तहत लोगों की दुकानें सील की। धमकी दे रहे हैं कि लोगों कि आप आवाज ना उठाएं। उन्होंने कहा कि बिजनौर में मारे गए छात्र की क्या सरकार भरपाई कर पाएगी। जिनकी संपत्तियों का नुकसान हुआ, उसकी भरपाई कौन कर पाएगा। क्या सरकार ने इसके लिए मुआवजा तय किया है। पूरे प्रदेश में एक भी एफआईआर पुलिस के खिलाफ दर्ज की गई या शासन ने जो गड़बड़ी की है, उसकी एफआईआर दर्ज की गई। यह सब गलत हो रहा है। हमें मुजफ्फरनगर में जाने से रोका जा रहा है, जिनके साथ जो गलत हो रहा है, हम उनके बीच जाना चाहते हैं। भाजपा के लोगों को नहीं रोका जा रहा है। हम बवाल करने नहीं जा रहे थे, हम तो जिनके साथ ज्यादती हो रही है उनसे मिलने जा रहे हैं। उनके आंसू पोंछने और उनकी बातेें सुनने। मुझे गिरफ्तार भी नहीं किया और मुझे अपने घर भी नहीं जाने दिया जा रहा। क्या मेें जिला बदर हूं या मेरे पर कोई मुकदमा दर्ज है। कोई मैं तड़ीपार हूं। उन्होंने कहा कि यह सरकार की तानाशाही चल रही है।
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चौधरी अजित सिंह व मेरे खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं
खतौली। रालोद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि मैं खुद दिल्ली से गाड़ी चलाकर लाया हूं, मेरे साथ तीन लोग बैठे थे। मेरे खिलाफ किसी थाने में कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। चौधरी अजित सिंह के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। चौधरी चरणसिंह ने सामाजिक आंदोलन को कभी हिंसक नहीं होने दिया। यह हमारी ताकत थी और यह हमारी पहचान थी। यह पहचान बरकरार रहनी चाहिए। जयंत चौधरी ने कहा कि मैंने तो अधिकारियों से यहां तक कह कि यह मेरा घर है, मुझे मेरे घर पर जाने दो। अगर अधिकारियों को लग रहा है कि हिंसा भड़क सकती है, तो हमारा इस्तेमाल कीजिए। हम खड़े होकर लोगों से शांति की अपील करेंगे।
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