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शुगर मिल को क्लीन देने पर एनजीटी ने नाराजगी जताई
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शुगर मिल को क्लीन देने पर एनजीटी ने नाराजगी जताई
मुजफ्फरनगर। प्रदूषित पानी की शिकायत की जांच में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से खतौली शुगर मिल से बिना नमूने लिए ही क्लीन चिट दिए जाने पर एनजीटी ने नाराजगी जताई है। एनजीटी ने शुगर मिल चलने पर पानी के नमूने लेकर जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए है।
खतौली निवासी श्रीपाल सिंह ने एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूशन) को खतौली शुगर मिल की शिकायत की थी। बताया था कि जीवन के लिए शुद्ध पानी जरूरी है, मगर यहां शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। शुगर मिल के कारण भूमिगत पेयजल प्रदूषित हो गया है। खेतों की फसलें भी प्रभावित हो रही है। इस शिकायत पर एनजीटी ने उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शुगर मिल के पानी के नमूने लेकर जांच उपरांत अपनी रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। जिस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दो जुलाई की भेजी रिपोर्ट में कहा कि कोरोना काल के कारण नमूने नहीं लिए जा सकते।
इसके बाद 14 सितंबर को भेजी रिपोर्ट में बताया कि वर्तमान में शुगर मिल बंद है, इसलिए पानी के नमूने नहीं लिए जा सकते। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में मिल को क्लीन चिट दिए जाने पर एनजीटी ने नाराजगी जताई। एनजीटी ने शुगर मिल चलने पर उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नेशनल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को संयुक्त रुप से नमूने लेकर जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए है।
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मुजफ्फरनगर। प्रदूषित पानी की शिकायत की जांच में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से खतौली शुगर मिल से बिना नमूने लिए ही क्लीन चिट दिए जाने पर एनजीटी ने नाराजगी जताई है। एनजीटी ने शुगर मिल चलने पर पानी के नमूने लेकर जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए है।
खतौली निवासी श्रीपाल सिंह ने एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूशन) को खतौली शुगर मिल की शिकायत की थी। बताया था कि जीवन के लिए शुद्ध पानी जरूरी है, मगर यहां शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। शुगर मिल के कारण भूमिगत पेयजल प्रदूषित हो गया है। खेतों की फसलें भी प्रभावित हो रही है। इस शिकायत पर एनजीटी ने उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शुगर मिल के पानी के नमूने लेकर जांच उपरांत अपनी रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। जिस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दो जुलाई की भेजी रिपोर्ट में कहा कि कोरोना काल के कारण नमूने नहीं लिए जा सकते।
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इसके बाद 14 सितंबर को भेजी रिपोर्ट में बताया कि वर्तमान में शुगर मिल बंद है, इसलिए पानी के नमूने नहीं लिए जा सकते। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में मिल को क्लीन चिट दिए जाने पर एनजीटी ने नाराजगी जताई। एनजीटी ने शुगर मिल चलने पर उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नेशनल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को संयुक्त रुप से नमूने लेकर जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए है।
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