{"_id":"6297a4f3cb98ac2e9e22199d","slug":"new-academic-session-begins-in-darul-uloom-from-today-devband-news-mrt5910549197","type":"story","status":"publish","title_hn":"दारुल उलूम में आज से नए शिक्षण सत्र की शुरुआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दारुल उलूम में आज से नए शिक्षण सत्र की शुरुआत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहतमिम ने छात्रों को दी नसीहत, मेहनत से करें पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद(सहारनपुर)। इस्लामी तालीम के सबसे बड़े केंद्र दारुल उलूम में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद दो जून (आज) से नया शिक्षण सत्र आरंभ होगा। इसके लिए प्रबंधन ने छात्रों को मेहनत और लगन से तालीम हासिल करने और फिजूल कामों से बचने की नसीहत दी है।
दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने बृहस्पतिवार से नए शिक्षण सत्र के आरंभ होने की घोषणा की है। मोहतमिम ने छात्रों से कहा कि वह मेहनत, लगन और पूरी ईमानदारी के साथ तालीम हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करें। क्योंकि पढ़ाई ही एकमात्र ऐसा हथियार है जिसके बूते किसी भी क्षेत्र में कामयाबी के झंडे गाड़े जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि फिजूल कामों में पड़ कर पढ़ाई का नुकसान करने से उस उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी। जिसके लिए आपको माता-पिता ने यहां भेजा है। इसलिए कक्षाओं में शत-प्रतिशत उपस्थिति रखें और खाली वक्त में कमरों में रहकर पढ़ाई करें। कोरोनाकाल की वजह से पिछले दो वर्षों से बंद शिक्षण सत्र के आरंभ होने से छात्र भी खासे उत्साहित हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद(सहारनपुर)। इस्लामी तालीम के सबसे बड़े केंद्र दारुल उलूम में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद दो जून (आज) से नया शिक्षण सत्र आरंभ होगा। इसके लिए प्रबंधन ने छात्रों को मेहनत और लगन से तालीम हासिल करने और फिजूल कामों से बचने की नसीहत दी है।
दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने बृहस्पतिवार से नए शिक्षण सत्र के आरंभ होने की घोषणा की है। मोहतमिम ने छात्रों से कहा कि वह मेहनत, लगन और पूरी ईमानदारी के साथ तालीम हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करें। क्योंकि पढ़ाई ही एकमात्र ऐसा हथियार है जिसके बूते किसी भी क्षेत्र में कामयाबी के झंडे गाड़े जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि फिजूल कामों में पड़ कर पढ़ाई का नुकसान करने से उस उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी। जिसके लिए आपको माता-पिता ने यहां भेजा है। इसलिए कक्षाओं में शत-प्रतिशत उपस्थिति रखें और खाली वक्त में कमरों में रहकर पढ़ाई करें। कोरोनाकाल की वजह से पिछले दो वर्षों से बंद शिक्षण सत्र के आरंभ होने से छात्र भी खासे उत्साहित हैं।
विज्ञापन