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Muzaffarngar: ढोल बजवाने पर पूर्व विधायक उमेश मलिक पर एक हजार रुपये का जुर्माना
Tue, 18 Jul 2023 05:38 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 18 Jul 2023 05:38 PM IST
सार
मुजफ्फरनगर जनपद में आचार संहिता उल्लंघन के मामले में पूर्व विधायक उमेश मलिक पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
विधानसभा चुनाव 2017 के नामांकन के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के मामले में भाजपा के पूर्व विधायक उमेश मलिक को दोषी पाया गया। अदालत ने उन पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ढोल और लाउडस्पीकर के मलिक नामांकन करने के लिए पहुंचे थे।
भाजपा ने 2017 के चुनाव में बुढ़ाना विधानसभा सीट से उमेश मलिक को प्रत्याशी घोषित किया था। 21 जनवरी 2017 को नामांकन दाखिल करने के लिए भाजपा प्रत्याशी थाना सिविल लाइन्स क्षेत्र में महावीर चौक से कलेक्ट्रेट के प्रकाश चौक गेट की तरफ पहुंचे। इस दौरान नारेबाजी हुई। ढोल और लाउडस्पीकर बजाए गए।
100-150 समर्थक साथ थे। पुलिस ने समर्थकों को गेट पर ही रोक दिया और भाजपा प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल किया। पुलिस ने मजिस्ट्रेट को मामले की जानकारी दी। धारा 144 के उल्लंघन में परिवाद दाखिल किया गया। प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायालय (एमपी/एमएलए कोर्ट) के पीठासीन अधिकारी मयंक जायसवाल ने की।
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विधायक पर दोष सिद्ध हुआ। बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्यामवीर सिंह ने बताया कि पूर्व विधायक पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। बचाव पक्ष ने अर्थदंड जमा किया, जिसके बाद विधायक को जमानत मिल गई।
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भाजपा ने 2017 के चुनाव में बुढ़ाना विधानसभा सीट से उमेश मलिक को प्रत्याशी घोषित किया था। 21 जनवरी 2017 को नामांकन दाखिल करने के लिए भाजपा प्रत्याशी थाना सिविल लाइन्स क्षेत्र में महावीर चौक से कलेक्ट्रेट के प्रकाश चौक गेट की तरफ पहुंचे। इस दौरान नारेबाजी हुई। ढोल और लाउडस्पीकर बजाए गए।
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100-150 समर्थक साथ थे। पुलिस ने समर्थकों को गेट पर ही रोक दिया और भाजपा प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल किया। पुलिस ने मजिस्ट्रेट को मामले की जानकारी दी। धारा 144 के उल्लंघन में परिवाद दाखिल किया गया। प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायालय (एमपी/एमएलए कोर्ट) के पीठासीन अधिकारी मयंक जायसवाल ने की।
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विधायक पर दोष सिद्ध हुआ। बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्यामवीर सिंह ने बताया कि पूर्व विधायक पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। बचाव पक्ष ने अर्थदंड जमा किया, जिसके बाद विधायक को जमानत मिल गई।