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एक डिग्री पर नौकरी कर रहे दो शिक्षक
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एक डिग्री पर नौकरी कर रहे दो शिक्षक
मुजफ्फरनगर। बेसिक शिक्षा विभाग में अनामिका शुक्ला की तरह ही एक और मामला सामने आया है। एक डिग्री पर दो लोग शिक्षक की नौकरी कर रहे हैं। एक मुजफ्फरनगर के पुरकाजी ब्लॉक में तैनात है तो दूसरा बरेली जिले में। दोनों के कागजात का मिलान किया गया तो एक जैसे ही हैं। जनपद में तैनात शिक्षक नवंबर 2019 से नहीं आ रहा, तब से उसका वेतन भी जारी नहीं हुआ।
मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों का डाटा फीडिंग के दौरान मामला पकड़ में आया है। प्रदीप कुमार सक्सेना के कागजात पर बरेली और मुजफ्फरनगर में दो लोग शिक्षक की नौकरी करते पाए गए। एक बरेली में तैनात है, जबकि दूसरे की तैनाती मुजफ्फरनगर के पुरकाजी ब्लॉक में है। दोनों की नियुक्ति 2011 में हुई है। दोनों के पिता का नाम आनंद बिहारी सक्सेना तथा जन्मतिथि नौ सितंबर 1981 दर्ज है, लेकिन फोटो अलग हैं। मुजफ्फरनगर में तैनात शिक्षक नवंबर 2019 से स्कूल नहीं आ रहा। उसके मूल कागजात भी बेसिक शिक्षा विभाग में ही जमा हैं। वह उन्हें लेने भी नहीं आया। बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी का कहना है कि शिक्षक की अनुपस्थिति के चलते उसे बरेली के पते पर नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह पते पर नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। जांच के बाद नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हाथ से लिखे गए हैं प्रमाणपत्र
मुजफ्फरनगर में प्रदीप कुमार सक्सेना के नाम पर नौकरी कर रहे शिक्षक के मूल प्रमाण पत्र बेसिक शिक्षा विभाग में ही जमा हैं। उनकी जांच की गई तो सब हाथ से लिखे हुए हैं तथा हिंदी भाषा में है, जबकि बरेली में कार्यरत शिक्षक के कागजात कंप्यूटर से प्रिंट हैं और अंग्रेजी में हैं। हाथ से बने कागजात 2009 में जारी किए गए हैं। दोनों का अनुक्रमांक, प्रमाण पत्र क्रमांक तथा अंक एवं विषय आदि भी एक ही है।
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यहां ओबीसी, बरेली में सामान्य
बरेली में प्रदीप कुमार सक्सेना के प्रमाणपत्र पर नौकरी कर रहे व्यक्ति ने स्वयं को सामान्य वर्ग का बताया है, जबकि यहां उसका अन्य पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र लगा है। सक्सेना सामान्य वर्ग में आते हैं, लेकिन जाति प्रमाण पत्र में उसकी जाति भुर्जी दर्ज है।
बरेली बीएसए कार्यालय पहुंचा प्रदीप
दो शिक्षकों के प्रमाणपत्र एक जैसे मिलने के बाद विभाग में हड़कंप मचा है। बताया गया कि बरेली में तैनात शिक्षक वहां के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंच गया। उसने खुद को प्रदीप कुमार सक्सेना बताते हुए अपने प्रमाणपत्र सही बताए हैं, जबकि मुजफ्फरनगर में नौकरी कर रहा व्यक्ति लापता है। संभावना जताई जा रही है कि मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग के दौरान पकड़ में आ जाने की उसे आशंका थी। इसके चलते उसने स्कूल आना बंद कर दिया। उसे विभाग भी तलाश रहा है।
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मुजफ्फरनगर। बेसिक शिक्षा विभाग में अनामिका शुक्ला की तरह ही एक और मामला सामने आया है। एक डिग्री पर दो लोग शिक्षक की नौकरी कर रहे हैं। एक मुजफ्फरनगर के पुरकाजी ब्लॉक में तैनात है तो दूसरा बरेली जिले में। दोनों के कागजात का मिलान किया गया तो एक जैसे ही हैं। जनपद में तैनात शिक्षक नवंबर 2019 से नहीं आ रहा, तब से उसका वेतन भी जारी नहीं हुआ।
मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों का डाटा फीडिंग के दौरान मामला पकड़ में आया है। प्रदीप कुमार सक्सेना के कागजात पर बरेली और मुजफ्फरनगर में दो लोग शिक्षक की नौकरी करते पाए गए। एक बरेली में तैनात है, जबकि दूसरे की तैनाती मुजफ्फरनगर के पुरकाजी ब्लॉक में है। दोनों की नियुक्ति 2011 में हुई है। दोनों के पिता का नाम आनंद बिहारी सक्सेना तथा जन्मतिथि नौ सितंबर 1981 दर्ज है, लेकिन फोटो अलग हैं। मुजफ्फरनगर में तैनात शिक्षक नवंबर 2019 से स्कूल नहीं आ रहा। उसके मूल कागजात भी बेसिक शिक्षा विभाग में ही जमा हैं। वह उन्हें लेने भी नहीं आया। बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी का कहना है कि शिक्षक की अनुपस्थिति के चलते उसे बरेली के पते पर नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह पते पर नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। जांच के बाद नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हाथ से लिखे गए हैं प्रमाणपत्र
मुजफ्फरनगर में प्रदीप कुमार सक्सेना के नाम पर नौकरी कर रहे शिक्षक के मूल प्रमाण पत्र बेसिक शिक्षा विभाग में ही जमा हैं। उनकी जांच की गई तो सब हाथ से लिखे हुए हैं तथा हिंदी भाषा में है, जबकि बरेली में कार्यरत शिक्षक के कागजात कंप्यूटर से प्रिंट हैं और अंग्रेजी में हैं। हाथ से बने कागजात 2009 में जारी किए गए हैं। दोनों का अनुक्रमांक, प्रमाण पत्र क्रमांक तथा अंक एवं विषय आदि भी एक ही है।
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यहां ओबीसी, बरेली में सामान्य
बरेली में प्रदीप कुमार सक्सेना के प्रमाणपत्र पर नौकरी कर रहे व्यक्ति ने स्वयं को सामान्य वर्ग का बताया है, जबकि यहां उसका अन्य पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र लगा है। सक्सेना सामान्य वर्ग में आते हैं, लेकिन जाति प्रमाण पत्र में उसकी जाति भुर्जी दर्ज है।
बरेली बीएसए कार्यालय पहुंचा प्रदीप
दो शिक्षकों के प्रमाणपत्र एक जैसे मिलने के बाद विभाग में हड़कंप मचा है। बताया गया कि बरेली में तैनात शिक्षक वहां के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंच गया। उसने खुद को प्रदीप कुमार सक्सेना बताते हुए अपने प्रमाणपत्र सही बताए हैं, जबकि मुजफ्फरनगर में नौकरी कर रहा व्यक्ति लापता है। संभावना जताई जा रही है कि मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग के दौरान पकड़ में आ जाने की उसे आशंका थी। इसके चलते उसने स्कूल आना बंद कर दिया। उसे विभाग भी तलाश रहा है।