{"_id":"5f1dc41f8ebc3e63aa7ca5ca","slug":"muzaffarnagar-tribute-to-the-kargil-martyrs-given-in-shuktirtha-muzaffarnagar-news-mrt49319793","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहीदों के बलिदान को नहीं भूलेगा राष्ट्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीदों के बलिदान को नहीं भूलेगा राष्ट्र
विज्ञापन
शुकतीर्थ में कारगिल शहीद स्मारक पर शहीदों को सलामी देते पूर्व सैनिक।
- फोटो : KHATAULI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहीदों के बलिदान को नहीं भूलेगा राष्ट्र
शुकतीर्थ/मोरना। पौराणिक भागवत भूमि शुकतीर्थ में गंगा तट पर स्थापित कारगिल शहीद स्मारक पर देश की आन, बान और शान के लिए जीवन को न्योछावर करने वाले सपूतों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। राष्ट्रीय सैनिक संस्था के पूर्व सैनिकों और साधु-संतों ने शहीदों का स्मरण कर नमन किया।
धार्मिक नगरी में वीतराग स्वामी कल्याणदेव द्वारा स्थापित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि समारोह में पूर्व सैनिकों ने शिलापट्ट पर अंकित 527 शहीदों की स्मृति को नमन किया। पूर्व सैनिक स्वामी भजनानंद सरस्वती ने कहा कि शहीदों के बलिदान को राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता है। राष्ट्रीय सैनिक संस्था के प्रांतीय अध्यक्ष कैप्टन सुरेश त्यागी ने कहा कि कारगिल युद्ध भारत की सेना के पराक्रम का स्वर्णिम इतिहास है। पूर्व फौजी राजेंद्र राठी, अशोक कुमार और हरि प्रकाश ने शहीदों के स्मरण सुनाए। नमामि गंगे के सहसंयोजक डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि कारगिल की विजय राष्ट्र के गौरव को बढ़ाती है। स्वामी अशोकानंद सरस्वती, स्वामी प्रेमानंद महाराज, आचार्य अजय कृष्ण, भाजपा नेता अमित राठी, मांगेराम फौजी आदि ने विचार रखे। पूर्व प्रधान नीरज रायल शास्त्री, ब्रजवीर सिंह, हरपाल सिंह, जयपाल सिंह, भूषण शर्मा, सुधीश फौजी, विजय राठी आदि ने शहीदों को नमन किया।
विज्ञापन
शुकतीर्थ/मोरना। पौराणिक भागवत भूमि शुकतीर्थ में गंगा तट पर स्थापित कारगिल शहीद स्मारक पर देश की आन, बान और शान के लिए जीवन को न्योछावर करने वाले सपूतों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। राष्ट्रीय सैनिक संस्था के पूर्व सैनिकों और साधु-संतों ने शहीदों का स्मरण कर नमन किया।
धार्मिक नगरी में वीतराग स्वामी कल्याणदेव द्वारा स्थापित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि समारोह में पूर्व सैनिकों ने शिलापट्ट पर अंकित 527 शहीदों की स्मृति को नमन किया। पूर्व सैनिक स्वामी भजनानंद सरस्वती ने कहा कि शहीदों के बलिदान को राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता है। राष्ट्रीय सैनिक संस्था के प्रांतीय अध्यक्ष कैप्टन सुरेश त्यागी ने कहा कि कारगिल युद्ध भारत की सेना के पराक्रम का स्वर्णिम इतिहास है। पूर्व फौजी राजेंद्र राठी, अशोक कुमार और हरि प्रकाश ने शहीदों के स्मरण सुनाए। नमामि गंगे के सहसंयोजक डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि कारगिल की विजय राष्ट्र के गौरव को बढ़ाती है। स्वामी अशोकानंद सरस्वती, स्वामी प्रेमानंद महाराज, आचार्य अजय कृष्ण, भाजपा नेता अमित राठी, मांगेराम फौजी आदि ने विचार रखे। पूर्व प्रधान नीरज रायल शास्त्री, ब्रजवीर सिंह, हरपाल सिंह, जयपाल सिंह, भूषण शर्मा, सुधीश फौजी, विजय राठी आदि ने शहीदों को नमन किया।
विज्ञापन