Muzaffarnagar: मंत्री के आश्वासन पर वापस लौटीं सुनीता, निष्कासन के विरोध में BJP कार्यालय के बाहर दिया था धरना
मुजफ्फरनगर जनपद में भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष सुनीता मलिक को अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए निष्कासित कर दिया गया। वहीं, सुनीता मलिक भारी सर्दी में भी पार्टी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी रहीं। हालांकि देर रात उनका धरना समाप्त हो गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुजफ्फरनगर में भाजपा कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी सुनीता मलिक से मिलने के लिए देर रात करीब डेढ़ बजे कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल पहुंचे। मंत्री ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद सुनीता मलिक वापस अपने घर लौट गई। उन्होंने कहा कि पार्टी का अपमान करने का आरोप गलत है, इस पर वह जिलाध्यक्ष से जवाब मांगेंगी।
मुजफ्फरनगर जनपद में भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी और महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष सुनीता मलिक के बीच चल रहे प्रकरण में नया मोड़ आ गया। पद से हटाए जाने की सूचना पर मलिक पार्टी कार्यालय पहुंच गई थी।
जिलाध्यक्ष के साथ नोकझोंक हुई। इसके बाद मलिक भाजपा के जिला कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गई थी। उधर, जिलाध्यक्ष ने अनुशासनहीनता बताते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
बुधवार को दोपहर बाद सुनीता मलिक भाजपा के जिला कार्यालय गई थी। इस दौरान जिलाध्यक्ष भी मौजूद थे। मलिक ने बताया कि उन्हें पद से हटाने की जानकारी मिली थी, जिस पर उन्होंने जिलाध्यक्ष से बात करनी चाही।
आरोप है कि महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष कविता सैनी और भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद मलिक ने कार्यालय के बाहर धरना देना शुरू कर दिया। देर रात उनका धरना समाप्त हो गया।
उधर, जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने उनके निष्कासन का पत्र जारी कर दिया। जिलाध्यक्ष का कहना है कि सार्वजनिक रूप से इस तरह धरने पर बैठना पार्टी का अपमान है। इससे पहले दिए गए नोटिस का जवाब भी नहीं दिया गया। देर रात तक मलिक धरने पर बैठी हुई है।
यह था पूरा मामला
पीनना गांव के दो सगे भाइयों के झगड़े के मामले में आरोप-प्रत्योराप शुरू हुए। महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष का कहना है कि जिलाध्यक्ष ने उनकी पूरी बात नहीं सुनीं। इसलिए मीडिया के पास जाना पड़ा। जबकि जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन जवाब नहीं दिया गया था।