UP : बेमौसम बारिश ने बढ़ाई ठंड, ओलावृष्टि से चिंता में डूबा किसान, गेहूं-सरसों की फसल को भारी नुकसान
Muzaffarnagar News : बेमौसम बारिश ने ठंड बढ़ा दी है। वहीं ओलावृष्टि होने से गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंच रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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विस्तार
बेमौसम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। मुजफ्फरनगर में दिन का तापमान 3.9 डिग्री गिर जाने के कारण ठंड का अहसास हुआ। बारिश से सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। कोल्हू का संचालन थम गया। क्रय केंद्रों पर गन्ने की खरीद प्रभावित हुई।
पिछले दो दिनों से जिले में अब तक 32.4 मिमी बारिश हो चुकी है। सोमवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। जिले के अधिकतर हिस्सों में दोपहर 12:00 से 2:30 बजे के बीच तेज बारिश हुई।
शहर के शिव चौक, एसडी मार्केट, कच्ची सडक़, ढाल वाली गली समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सोमवार को जिले में 5.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। दिन का अधिकतम तापमान 24.4 रिकॉर्ड किया गया, जबकि रविवार को 28.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था।
बारिश से थम गए वाहनों के पहिए
करीब ढाई घंटे तेज बारिश से आम जन जीवन अस्त-व्यस्त रहा। दिल्ली-दून हाईवे, पानीपत-खटीमा हाईवे, मेरठ-करनाल हाईवे समेत अन्य मुख्य मार्गों पर बारिश के दौरान दुपहिया वाहनों का आवागमन बंद रहा। बारिश से बचने के लिए वाहन चालक इधर-उधर खड़े हुए नजर आए।
सरसों की फसल को नुकसान : तिवारी
कृषि विज्ञान केंद्र चित्तौड़ा के प्रभारी प्रभा शंकर तिवारी का कहना है कि बारिश से सरसों की फसल को सबसे अधिक नुकसान है। सरसों की कटाई का कार्य चल रहा है। फसल पकी हुई है, जिससे उसके झड़ने का खतरा बना हुआ है।
बारिश से किसान मायूस, गेहूं-सरसों की फसल को नुकसान
बेमौसमी बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से नुकसान हुआ है। सरसों की कटी फसल में नमी आने से फंगस ने किसान मायूस है। हवा के कारण गेहूं की लहलाती फसल खेतों में बिछ गई है। वहीं मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर ठंड का अहसास करा दिया है।
चरथावल के किसान दिनेश कुमार और असलम त्यागी ने करीब 60 फीसदी फसल परिपक्व हालत में खड़ी है। बारिश की बूंद से फूटने की आशंका है। काफी सरसो खेतों में कटी पड़ी है। दूधली के किसान नरेंद्र सैनी और सिंगलपुर के प्रवीण कुमार आदि ने बताया तेज हवाओं में गेहूं की फसल गिरने के कारण दाना कमजोर होगा। उत्पादन में गिरावट आएगी। बधाई कलां के अरविंद मलिक का कहना है इस बार गेहूं और सरसो की बंपर की फसल थी। बेमौसमी बारिश से किसानों को डर सता रहा है। उन्होंने सरसो की कटी फसल खेत में पड़ी है। बारिश के कारण सूख नहीं पा रही है। जिससे नमी में फंगस आ गई है।
कीचड़ में फिसले लोग
बारिश से नगर की सड़कों पर जलभराव हो गया। लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ीं। कीचड़ के कारण राहगीर फिसलकर चोटिल भी हुए। जो लोग बाजार में खरीदारी करने के लिए पहुंचे, वह बारिश होने के बाद अपने घरों को वापस लौट गए।
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सरसों को हुआ नुकसान, किसान हुए परेशान
रोहाना कलां गांव सौरम के किसान विपिन बालियान ने बताया कि इस बेमौसम बरसात से गेहूं व सरसों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। हवा चलने के कारण गेहूं की फसल गिर गई है। वही कुछ किसानों की सरसों की फसल खेतों में कटी हुई पड़ी है जो गीली गई है। इसके अलावा बेमौसम बरसात से गन्ने की छिलाई का कार्य भी प्रभावित हुआ है। छपार, सिखेड़ा और रोहाना क्षेत्र में भी बारिश से किसानों को नुकसान हुआ है।
ओलावृष्टि और बारिश से चिंता में डूबा किसान
सुबह अचानक मौसम में बदलाव आया और हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं की फसल गिर गई। सरसों की फसल में भी भारी नुकसान हुआ है। जिससे किसान चिंता में डूबा है।
तीन दिन से अचानक मौसम में बदलाव आया है। शुक्रवार रात में हवा के साथ आई बारिश के कारण किसानों की गेहूं की फसल गिर गई थी। सोमवार को सुबह अचानक मौसम में बदलाव आया। कस्बा तथा देहात क्षेत्र में भारी वर्षा और ओलावृष्टि भी हुई। तेज वर्षा व ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं की फसल गिर गई। सरसों की पछेती फसल में भारी नुकसान हुआ। सरसों की फसल पककर तैयार है। बारिश के कारण उसके दाने गिर गए।
क्षेत्र के प्रगति किसान गांव फुगाना निवासी मुकेश मलिक, पूर्व प्रधान चौ. थामसिंह और खेड़ामस्तान निवासी शिवकुमार मलिक ने बताया कि सरसों व गेहूं की फसल में 20 से 30 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है। यह नुकसान ओर भी अधिक बढ़ने की संभावना है।
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किसानों का कहना है कि बारिश के कारण आम के बोर में फफूंदी लगने का डर है। आम पर काफी बोर आने से उत्साहित बागवानों के चेहरे पर उदासी आ गई है। जिस आलू की अभी खोदाई नहीं हुई है, उसमें गलाव शुरू हो जाएगा। इसके अलावा तोरई व खीरा की फसल भी बारिश के कारण प्रभावित हुई है।
मौसम में ठंडक हुई, कीचड़ से परेशानी बढ़ी
सोमवार सबुह तेज बारिश होने के कारण मौसम में अन्य दिनों के मुकाबले ठंडक ओर अधिक बढ़ गई। बारिश के कारण गांव की गलियों व सड़कों पर कीचड़ से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
किसानों की चिंता बढ़ती जा रही
गेहूं की फसल में बाली आ चुकी है और हवा के साथ बारिश होने से फसल गिर गई है। सरसों की फसल में भी भारी नुकसान हुआ है। किसान को पहले ही आलू के भाव कम होने से घाटा हो रहा है, अब बारिश से गेहूं व सरसों की फसल का उत्पादन भी प्रभावित होगा। बागवान आरिफ कुरैशी का कहना है कि इस बार मौसम आम के लिए काफी अनुकूल लग रहा है और बोर भी काफी आया हुआ है। बारिश से बोर में रोग लग सकता है।