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UP: साहित्यकार हरपाल सिंह अरुष का निधन, उपन्यास ‘1857 कोई और भी था’ को मिली थी खूब सराहना
Thu, 30 Mar 2023 11:02 PM IST
कपिल kapil
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Published by: कपिल kapil
Updated Thu, 30 Mar 2023 11:02 PM IST
सार
Muzaffarnagar News : साहित्यकार हरपाल सिंह अरुष का निधन हो गया। 1857 की क्रांति पर लिखे गए उनके उपन्यास ‘1857 कोई और भी था’ को खूब सराहना मिली थी।
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साहित्यकार हरपाल सिंह अरुष
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कमलेश्वर कहानी सम्मान प्राप्त साहित्यकार हरपाल सिंह अरुष (76) का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके 14 कविता संग्रह और चार कहानी संकलन प्रकाशित हुए।
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मूल रूप से बागपत के लूंब गांव के रहने वाले अरुष इन दिनों परिवार के साथ मुजफ्फरनगर में जानसठ रोड स्थित श्री हरिवृंदावन सिटी में रह रहे थे। वे बेसिक शिक्षा विभाग में विभिन्न पदों पर रहे। चार उपन्यास, दो आलोचना पुस्तकें लिखीं। गुजराती, मलयालम कविताओं का अंग्रेजी और मराठी में अनुवाद किया।
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बता दें कि 1857 की क्रांति पर लिखे गए उनके उपन्यास ‘1857 कोई और भी था’ को खूब सराहना मिली थी। मैथिलीशरण सम्मान, यूनीसेफ की ओर से सहस्राब्दि सम्मान, पंडित रामचंद्र शुक्ल सम्मान से उन्हें सम्मानित किया गया था।
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बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक उनके बेटे सिद्धार्थ अरुष ने बताया कि लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े नौ बजे उनका निधन हो गया। शुक्रवार सुबह 10 बजे भोपा रोड स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।