बहुचर्चित मामले में 12 साल बाद आया बड़ा फैसला, चार दोषियों को 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा और...
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में न्यायालय ने पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी रिंकू सिंह राही पर जानलेवा हमला करने के बहुचर्चित मामले में चार दोषियों को दस-दस साल के सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में समाज कल्याण विभाग का एक पूर्व लेखाकार भी शामिल है। सजा के बाद चारों को जेल भेज दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार जनपद में तैनात तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी रिंकू सिंह राही 26 मार्च, 2009 को ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित आवास के बाहर सुबह 6.30 बजे बैडमिंटन खेल रहे थे। तभी दो हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं थीं। पुलिस ने समाज कल्याण विभाग के पूर्व सहायक लेखाकार अशोक कश्यप निवासी लखनऊ, प्रहलाद सिंह मुकंदपुर, अमित छोकर रामपुरी, बॉबी उर्फ पंकज तेजलहेड़ा, सपा नेता मुकेश चौधरी, ब्रजमोहन उर्फ पिंकू तेजलहेड़ा, परमीत, आदेश ठाकुर निवासी मोहल्ला गऊशाला के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।
विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विरेंद्र कुमार पांडे ने अशोक कश्यप, प्रहलाद, अमित छोकर, बॉबी उर्फ पंकज को दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष का सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। साक्ष्य के अभाव में सपा नेता मुकेश चौधरी, ब्रजमोहन, परमीत, आदेश ठाकुर को बरी कर दिया।
रिंकू सिंह राही प्रकरण में 12 साल बाद आया फैसला
समाज कल्याण अधिकारी रिंकू सिंह राही पर जानलेवा हमला करने के बहुचर्चित मामले में 12 साल बाद कोर्ट का फैसला आया है। अभियोजन पक्ष ने रिंकू सिंह राही सहित 22 लोगों के कोर्ट में बयान दर्ज कराए और सबूत पेश किए। राही के बयान पर ही चार लोगों को सजा हुई। विशेष लोक अभियोजक यशपाल सिंह ने बताया कि घटना में मुजरिम बॉबी उर्फ पंकज और प्रहलाद की पहचान मुख्य शूटरों के रूप में की थी। जबकि अमित छोकर द्वारा शूटरों को इशारा कर बताया था कि यही रिंकू सिंह राही हैं। इसके अलावा उस दौरान जिले में तैनात सहायक लेखाकार अशोक कश्यप सड़क से रिंकू सिंह के घर की तरफ इशारा कर लौट गया था। राही को हमले में शरीर पर आठ गोलियों लगी थी। उनकी बाई आंख पर चोट लगी और जबरा भी खराब हो गया है। उनका बयान ही सजा का आधार बना है।
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छात्रवृत्ति प्रतिपूर्ति घोटाले में संलिप्त था लेखाकार
अदालत में बयानों में रिंकू सिंह ने बताए थे कि वह अनुसूचित जाति से हैं। विवाह योजना, छात्रवृत्ति प्रतिपूर्ति, शादी और पेंशन योजनाओं में लेखाकार अशोक कश्यप द्वारा घोटाला किया जा रहा था। राही द्वारा योजनाओं के घोटाले में जांच की जा रही थी। उसी दौरान अन्य आरोपियों ने उन्हें घर और ऑफिस में आकर धमकी दी थी कि पुरानी व्यवस्था पर ही चलो, नहीं तो अंजाम बुरा होगा। न्यायालय में एडीजीसी द्वारा प्रस्तुत चार गवाह कोर्ट में पक्षद्रोही हो गए। उनमें सुशील कुमार अरोड़ा, जितेंद्र त्रिपाठी उर्फ रानू, संतोष कुमार और राम प्रवेश यादव ने घटना का समर्थन नहीं किया। केस की विवेचना तत्कालीन एएसपी आलोक प्रियदर्शी द्वारा की गई।
लखनऊ में अशोक कश्यप का है आलीशान होटल
रिंकू सिंह राही पर हमले के मास्टर माइंड अशोक कश्यप को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा और बीस हजार का जुर्माना हुआ है। एक सौ करोड़ से ऊपर के घोटाले का मास्टर माइंड लेखाकार अशोक कश्यप निलंबित होने और जेल जाने के बाद बहाल हो चुका था। सरकार की नाक के नीचे अपने गृह जनपद लखनऊ में नौकरी कर रहा था। कश्यप समाज कल्याण से पेंशन विभाग में चला गया था। इस समय इसी में कार्य कर रहा था। लखनऊ में उसका एक आलीशान होटल भी है।
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