अध्यक्ष और दो संचालक फंसे: खतौली गन्ना विकास समिति अध्यक्ष और संचालक तीन साल तक नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
सहकारी गन्ना विकास समिति खतौली के अध्यक्ष और दो संचालक फंस गए हैं। वहीं आरोप साबित होने पर गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने पदाधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों के तीन साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई है।
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मुजफ्फरनगर में राजस्व अभिलेखों में फर्जी आंकड़े दर्शाकर अनियमित गन्ना आपूर्ति करने के मामले में सहकारी गन्ना विकास समिति खतौली के अध्यक्ष और दो संचालक फंस गए हैं। आरोप साबित होने पर गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने पदाधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों के तीन साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई है। तीन पेराई सत्र में अवैध तरीके से करीब 32 लाख रुपये का गन्ना सप्लाई किया था, जिसके बराबर धनराशि जमा कराने के आदेश दिए गए हैं।
समिति के पूर्व चेयरमैन ऋषिपाल भाटी ने गन्ना आयुक्त से शिकायत करते हुए कहा था कि समिति के अध्यक्ष ओमवीर सिंह, संचालक सदस्य प्रशांत कुमार व रामनिवास और परिवार के सदस्यों ने राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी की है। पेराई सत्र 2017-18, 2018-19 और 2019-20 में राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि से अधिक भूमि व गन्ना क्षेत्रफल समिति के रिकॉर्ड में दर्शाकर बेसिक कोटा बढ़वा लिया गया। जिसके आधार पर अनियमित तरीके से गन्ना आपूर्ति की गई।
गन्ना आयुक्त ने डीसीओ मुजफ्फरनगर और शामली से मामले की जांच कराई, जिसमें अनियमित गन्ना आपूर्ति करने, राजस्व अभिलेखों में फर्जी आंकड़े दर्ज कराने का मामला सिद्ध हुआ।
गन्ना आयुक्त ने उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत अध्यक्ष, संचालक और परिवार के सदस्यों पर तीन साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है। यह भी कहा गया कि जितना गन्ना सप्लाई किया, उतने मूल्य के बराबर धनराशि समिति में जमा कराई जाए।
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खुद ही पेनल्टी कैसे लगाएगी समिति
गन्ना आयुक्त ने आदेश में यह भी कहा है कि गन्ना समिति खतौली की प्रबंध कमेटी अनियमित गन्ना आपूर्ति पर पेनल्टी लगाए। लेकिन समिति अध्यक्ष पर ही आरोप है, ऐसे में खुद ही बोर्ड बैठक बुलाकर पेनल्टी लगाने का आदेश कैसे पूरा होगा। हालांकि बोर्ड बैठक का प्रस्ताव गन्ना आयुक्त को भेजा जाएगा, जिसके बाद पेनल्टी पर अंतिम फैसला संभव है।
अवैध गन्ना सप्लाई पर हुई कार्रवाई
जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि अध्यक्ष, संचालकों और परिवार के सदस्यों पर कार्रवाई की गई है। गन्ना आयुक्त के आदेश पर जांच की गई थी। बोर्ड बैठक का प्रस्ताव भी भेजा जा रहा है।
इनकी हुई थी शिकायत
ओमवीर सिंह पुत्र तेज सिंह, सुमित कुमार पुत्र ओमवरी सिंह, अमित कुमार पुत्र ओमवीर, कमला देवी पत्नी ओमवीर, संयोगिता पत्नी अमित कुमार, अनुपमा, प्रशांत पुत्र सुखपाल, विक्रांत पुत्र सुखपाल, सरला देवी पत्नी रामनिवास, मनोज कुमार पुत्र रामनिवास, अंजू पत्नी मनोज, पंकज पुत्र रामनिवास और मनीषा के गन्ना खातों की जांच की गई थी।
दो साल से लटके हैं गन्ना समिति के चुनाव
गन्ना विकास समिति के चुनाव दो साल से नहीं हो पा रहे हैं। पहले कोरोना के कारण चुनाव नहीं हुए और अब विधानसभा चुनाव शुरू हो गए। शिकायतकर्ता ऋषिपाल भाटी का कहना है कि सरकार को तुरंत चुनाव कराने चाहिए।