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Muzaffarnagar: भाकियू में फूट के बाद अब नई मुश्किल में टिकैत बंधू, लगा ये बड़ा आरोप, पढ़ें क्या है पूरा मामला
Mon, 23 May 2022 01:02 PM IST
Dimple Sirohi
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 23 May 2022 01:02 PM IST
सार
भारतीय किसान यूनियन में फूट के बाद अब टिकैत बंधुओं पर नई मुश्किल आ गई है। नरेश टिकैत और राकेश टिकैत पर सिसौली में 1961 के बाद से नहीं होने दी चकबंदी नहीं होने देने का आरोप लगा है। इसके अलावा कई गंभीर आरोपों के मामले में जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई है।
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राकेश टिकैत और नरेश टिकैत
विस्तार
मुजफ्फरनगर जनपद के सिसौली कस्बे के चार युवकों ने भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश और प्रवक्ता राकेश टिकैत पर तालाब कब्जाने का आरोप लगाया है। चकबंदी रुकवाने और सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए सरकार से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई।
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रविवार को रुड़की रोड स्थित रेस्टोरेंट में पत्रकारों से बातचीत में राहुल मुखिया, देवेंद्र बालियान, कपिल बालियान और सुभाष बालियान ने कहा कि कस्बे के 13 तालाब अवैध कब्जा कर आवासीय बना दिए गए हैं। 1961 से चकबंदी की प्रक्रिया लंबित है, लेकिन टिकैत बंधु चकबंदी नहीं होने दे रहे हैं।
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तालाब पर कब्जा कर अपना कार्यालय और घेर बना लिया है। 12 बीघे के तालाब को गांव के ही परिवार को बेच दिया। आरोप है कि एक व्यक्ति ने तालाब पर कब्जा किया, लेकिन नरेश और राकेश टिकैत ने उस व्यक्ति पर कोई कार्रवाई नहीं होने दी। युवाओं ने सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग रखी।
आरोप बेबुनियाद, प्रशासन निष्पक्ष जांच करें : टिकैत
भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस-प्रशासन को निष्पक्ष जांच करने का अधिकार है। चकबंदी सरकार की प्रक्रिया है। सभी आरोप बेबुनियाद हैं।