निकाय चुनाव: टिकट को लेकर भाजपा में बन रही ये स्थिति, रालोद ने वार्ड आरक्षण पर जताई आपत्ति
निकाय चुनाव अपडेट : भाजपा में टिकट के लिए कई दावेदार दौड़ में हैं। ऐसे में एक अनार सौ बीमार जैसी स्थिति बन रही है। उधर, रालोद ने वार्ड आरक्षण पर आपत्ति जताई।
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मुजफ्फरनगर में उपचुनाव के बाद अब निकाय चुनाव की सरगर्मियां बढ़ गई हैं। अध्यक्ष पद का आरक्षण प्रस्तावित होते ही दावेदार जोर आजमाइश में जुट गए। भाजपा में शहर सीट पर एक अनार सौ बीमार की स्थिति है। शहर सीट पर सबसे ज्यादा दावा वैश्य, ब्राह्मण और पंजाबी समाज के नेता कर रहे हैं।
सत्ताधारी भाजपा से टिकट हासिल करने के लिए दावेदार ताकत दिखा रहे हैं। आरक्षण लगभग तय हो जाने के बाद समीकरण और अधिक स्पष्ट हुए हैं। भाजपा ने शहर सीट पर पिछली बार ब्राह्मण समाज के अरविंद राज शर्मा की पत्नी को चुनाव लड़ाया था, लेकिन कांग्रेस की उम्मीदवार अंजू अग्रवाल से हार का सामना करना पड़ा। बाद में अंजू अग्रवाल भाजपा में शामिल हुई थी। इस बार भाजपा के टिकट के लिए ब्राह्मण ताकत लगा रहे हैं। इनमें जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, पुनीत वशिष्ठ, शरद शर्मा, अरविंद राज शर्मा, श्रीभगवान शर्मा समेत अन्य कई नाम है।
वहीं वैश्य समाज की ओर से पूर्व मंत्री चित्तरंजन स्वरूप के बेटे गौरव स्वरूप, राजीव गर्ग, कुलदीप गोयल, संजय अग्रवाल, श्रीमोहन तायल, वर्तमान चेयरमैन अंजू अग्रवाल समेत अन्य कई नाम है। पंजाबी समाज में कुशपुरी, अशोक बाठला समेत अन्य कई बड़े नाम गिनाए जा रहे हैं। देखने वाली बात यह होगी कि भाजपा वैश्य, ब्राह्मण या पंजाबी समाज में किसे प्राथमिकता देती है।
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विस्तार से अन्य बिरादरियों के भी दावेदार
पालिका का विस्तार होने के बाद अन्य बिरादरियों के भी दावेदार टिकट की जोर आजमाइश करेंगे। इनमें पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के भाजपा नेता भी टिकट के दावेदार गिनाए जा रहे हैं।
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वार्ड आरक्षण पर जताई आपत्ति
रालोद ने शहर पालिका के वार्ड आरक्षण पर आपत्ति जताई है। प्रदेश प्रवक्ता कमल गौतम ने डीएम चंद्रभूषण सिंह को पत्र भेजकर कहा कि अनुसूचित जाति को 18 फीसदी का आरक्षण नहीं दिया गया है। शहर पालिका में कम से कम 10 वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने चाहिए थे।