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मुजफ्फरनगर मुकेश हत्याकांड: अदालत ने दोषी को सुनाई आजीवन कारावास की सजा, खौफनाक थी वारदात
Mon, 22 Aug 2022 07:19 PM IST
कपिल kapil
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Published by: कपिल kapil
Updated Mon, 22 Aug 2022 07:19 PM IST
सार
अदालत ने मुकेश हत्याकांड में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बताया गया कि खौफनाक तरीके से मुकेश की हत्या की गई थी।
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अदालत।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मुजफ्फरनगर में मंसूरपुर क्षेत्र के नरा गांव निवासी मुकेश की हत्या के दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय एससी/एसटी कोर्ट के पीठासीन अधिकारी जमशेद अली ने फैसला सुनाया। अभियुक्त ने मुकेश की पत्नी के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।
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विशेष लोक अभियोजक यशपाल सिंह और एडीजीसी सहदेव सिंह ने बताया कि 11 मई 2009 को मंसूरपुर के नरा गांव के जंगल में शव बरामद हुआ। मृतक की शिनाख्त नरा के मुकेश के रूप में हुई। उसके भाई मूलचंद ने पुलिस को बताया था कि 10 मई 2009 की शाम को मुकेश 40 हजार रुपये मेरठ निवासी किसी व्यक्ति से उधार लाने के लिए कहकर निकला था। लेकिन अगले दिन भी वह वापस नहीं आया। पीड़ित परिवार ने मेरठ के मेडिकल थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
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इसके बाद मंसूरपुर क्षेत्र के नरा गांव के जंगल से उसका शव बरामद हुआ। जांच के बाद पुलिस ने अभियुक्त मेरठ के शास्त्रीनगर निवसी किशन कुमार, मुकेश की पत्नी संगीता, नरा निवासी बबलू और शहर कोतवाली क्षेत्र के खालापार निवासी साबिर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
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प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी/एसटी कोर्ट के पीठासीन अधिकारी जमशेद अली ने की। बबलू और साबिर को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। जबकि अभियुक्त किशन कुमार को धारा 302 में आजीवन कारावास और सात हजार रुपये अर्थदंड, धारा 201 में पांच साल सश्रम कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड सुनाया गया है। आरोपी संगीता के फरार होने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई है।