UP: केंद्रीय मंत्री बालियान समेत ये दिग्गज नेता कोर्ट में हुए पेश, अब 14 मार्च को होगी सुनवाई, ये है मामला
Muzaffarnagar News : केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान समेत कई दिग्गज नेता शुक्रवार को अदालत में पेश हुए। अब इस मामले में 14 मार्च को सुनवाई होगी। जानिए आखिर पूरा मामला क्या है।
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मुजफ्फरनगर में कवाल कांड़ के बाद नंगला मंदौड़ पंचायत में शामिल होने पर आचार संहिता उल्लंघन और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान, पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक और बुढ़ाना के पूर्व विधायक उमेश मलिक कोर्ट में पेश हुए। सिविल जज सीनियर डिवीजन विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। आरोपों पर अदालती बहस के लिए 14 मार्च की तिथि नियत की गई है।
कवाल गांव में ममेरे और फुफेरे भाई गौरव व सचिन की हत्या के बाद 31 अगस्त को नंगला मंदौड़ में पंचायत बुलाई, जिसमें आसपास के जिलों से भी लोग शामिल हुए थे। एसडीएम जानसठ ने धारा 144 के उल्लंघन और तत्कालीन एसओ सिखेड़ा ने सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
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वहीं केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व विधायक उमेश मलिक और पूर्व प्रमुख वीरेंद्र सिंह शुक्रवार को अदालत में पेश हुए। अन्य आरोपियों ने हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्यामवीर सिंह और बिजेंद्र मलिक ने बताया कि अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी।
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अदालत में हाजिर हुए 18 आरोपियों ने रिकॉल कराए वारंट
मुजफ्फरनगर में रामपुर तिराहा कांड़ में छेड़छाड़, सामूहिक दुष्कर्म, लूट समेत अन्य गंभीर धाराओं के मुकदमों में 17 पुलिसकर्मी समेत 18 आरोपी शुक्रवार को अदालत में हाजिर हुए। अभियुक्तों ने गैर जमानती वारंट रिकॉल कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। अभी सुनवाई जारी है।
अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह की अदालत में सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी और सीबीआई बनाम विक्रम सिंह तोमर के मुकदमे की सुनवाई चल रही है। अदालत की सख्ती के बाद शुक्रवार को मुकदमे में 18 अभियुक्त कोर्ट में पेश हुए।
यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों से बड़ी तादाद में आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। जिसकी पूरे देश में गूंज पहुंची थी।
वहीं सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। फिलहाल चार मुकदमे जिले में लंबित हैं। पहले ये मुकदमे एसीजेएम द्वितीय की कोर्ट में विचाराधीन रहें। लंबे समय तक सुनवाई नहीं होने पर पिछले वर्ष नवंबर 2021 में सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक को अधिकृत करते हुए वहां भेजे गए थे।
एडीजीसी परविंद्र सिंह ने बताया कि सेवानिवृत्त हो चुके अभियुक्त पुलिसकर्मी वीरेंद्र प्रताप, देवेंद्र कुमार, सतीश चंद शर्मा, मिलाप सिंह, नरेश कुमार त्यागी, कृपाल सिंह, राकेश कुमार सिंह, सुरेंद्र सिंह, प्रबल प्रकाश और वर्तमान में सेवारत संजीव कुमार भारद्वाज, कुशलपाल सिंह, वीरेंद्र कुमार, सुमेर सिंह, तमकीम अहमद, ब्रजेश कुमार, विजय पाल सिंह और कुंवरपाल सिंह अदालत में हाजिर हुए। इससे पहले बृहस्पतिवार को सेवानिवृत्त राधा मोहन द्विवेदी कोर्ट में पेश हुए थे।