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मुजफ्फरनगर: शुकतीर्थ में बारिश के कारण भरभराकर गिरा मकान, बाल-बाल बची मासूमों सहित चार की जान, आसपास भी खतरा
Fri, 04 Sep 2026 07:43 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Fri, 04 Sep 2026 07:43 PM IST
सार
जिले में शुक्रवार को दिनभर बारिश का दौर चलता रहा। शुकतीर्थ में एक मकान ढह गया, दो बच्चों समेत चार लोग मकान के दूसरे हिस्से में थे, जिससे उनकी जान बच गई। पड़ोसियों के मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। वहीं यह बारिश किसानों के लिए लाभकारी मानी जा रही है।
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शुकतीर्थ में जमींदोज हुआ मकान।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शुकतीर्थ में सुबह के समय हुई बारिश के कारण एक मकान अचानक भरभराकर जमींदोज हो गया। परिवार के चार सदस्य मकान के दूसरे भाग में होने के कारण बाल-बाल बच गए। बारिश के चलते दिन के अधिकतम तापमान में 5.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। धान की फसल के लिए बारिश लाभकारी मानी जा रही है।
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तीर्थ नगरी शुकतीर्थ की परमधाम कॉलोनी में शुक्रवार सुबह के समय मकान गिरने से आसपास के लोगों में भी दहशत है। हादसे में मकान के भीतर स्थित रसोई, बाथरूम, शौचालय ढह गया। अन्य घरेलू सामान मलबे में दबकर पूरी तरह बर्बाद हो गया।
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गनीमत रही कि हादसे के वक्त घर में मौजूद पूजा, अर्चना और दो मासूम बच्चे कृष्णा व वंश बाल-बाल बच गए। यह मकान दिल्ली निवासी दिनेश शर्मा का है, जिसे उन्होंने अमित और उपेंद्र नाम के दो सगे भाइयों को किराए पर दे रखा था। जो मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पीड़ित परिवार के अनुसार बारिश का पानी नींव के नीचे से होकर बह रहा था। जिससे नींव धंस गई और पूरा ढांचा गिर गया।
इस हादसे के बाद अब पड़ोस में रहने वाले सुंदरपाल, संदीप और रेखा के मकानों पर भी गिरने का गंभीर खतरा मंडराने लगा है। बेघर हुए पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
गर्मी से लोगों को मिली राहत, त्वचा रोग बढ़ने का खतरा
बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बृहस्पतिवार का तापमान 33 डिग्री रहा था। हालांकि बारिश पांच मिमी. दर्ज की गई। आर्द्रता 90 प्रतिशत रही। बारिश के चलते वातावरण में नमी बढ़ने से त्वचा रोग बढ़ने की आशंका पैदा हो गई।
जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. योगेन्द्र त्रिखा ने बताया कि बार-बार तापमान परिवर्तन और बारिश के कारण एलर्जिक मरीजों की दिक्कत बढ़ जाती है। सांस के रोगियों को भी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि वातावरण में नमी के कारण फंगल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बृहस्पतिवार का तापमान 33 डिग्री रहा था। हालांकि बारिश पांच मिमी. दर्ज की गई। आर्द्रता 90 प्रतिशत रही। बारिश के चलते वातावरण में नमी बढ़ने से त्वचा रोग बढ़ने की आशंका पैदा हो गई।
जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. योगेन्द्र त्रिखा ने बताया कि बार-बार तापमान परिवर्तन और बारिश के कारण एलर्जिक मरीजों की दिक्कत बढ़ जाती है। सांस के रोगियों को भी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि वातावरण में नमी के कारण फंगल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
धान की फसल को लाभ, सब्जियों के लिए करें निकासी
कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया बारिश से गन्ने और धान की फसल को लाभ पहुंचेगा। उन्होंने सलाह दी कि सब्जी वर्गीय फसलों के खेतों से अधिक पानी बाहर निकालने के लिए निकासी का प्रबंध करें। गन्ने की फसल की बंधाई का विशेष ध्यान रखें। कीटों की रोकथाम के लिए फसलों में मौसम के साफ होने पर ही छिड़काव करें।
कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया बारिश से गन्ने और धान की फसल को लाभ पहुंचेगा। उन्होंने सलाह दी कि सब्जी वर्गीय फसलों के खेतों से अधिक पानी बाहर निकालने के लिए निकासी का प्रबंध करें। गन्ने की फसल की बंधाई का विशेष ध्यान रखें। कीटों की रोकथाम के लिए फसलों में मौसम के साफ होने पर ही छिड़काव करें।
बूंदाबांदी से जनजीवन प्रभावित, किसानों की बढ़ी चिंता
खतौली में शुक्रवार को दिनभर रुक-रुककर होती रही बूंदाबांदी से जनजीवन प्रभावित रहा। लगातार मौसम खराब रहने से लोग आवश्यक कार्यों से ही बाहर निकले। इसका असर बाजारों में भी दिखाई दिया। आम दिनों की अपेक्षा बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम रही। वहीं मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ दी। क्षेत्र में दिनभर बूंदाबांदी होने से नगर के बिद्दीवाड़ा बाजार, बड़ा बाजार, जानसठ मार्ग, रेलवे मार्ग, जीटी मार्ग पर लोगों की आवाजाही कम रही, जिसका असर व्यापार पर भी दिखाई दिया।
खतौली में शुक्रवार को दिनभर रुक-रुककर होती रही बूंदाबांदी से जनजीवन प्रभावित रहा। लगातार मौसम खराब रहने से लोग आवश्यक कार्यों से ही बाहर निकले। इसका असर बाजारों में भी दिखाई दिया। आम दिनों की अपेक्षा बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम रही। वहीं मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ दी। क्षेत्र में दिनभर बूंदाबांदी होने से नगर के बिद्दीवाड़ा बाजार, बड़ा बाजार, जानसठ मार्ग, रेलवे मार्ग, जीटी मार्ग पर लोगों की आवाजाही कम रही, जिसका असर व्यापार पर भी दिखाई दिया।
दुकानदार राजेश जैन, अनिल जैन, सुनील कुमार, राकेश कुमार आदि ने बताया कि बूंदाबांदी के चलते ग्राहक न आने पर उनकी बिक्री कम हुई है। बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई स्थानों पर पहले ही खेतों में जलभराव है। जिसकी निकासी नहीं हुई है। किसान राधे श्याम, कुलदीप, समय सिंह, नरेश कुमार ने बताया कि बारिश का असर उनकी फसलों पर पड़ रहा है। लगातार नमी रहने से फसलों में रोग लगने की आशंका बनी हुई है।