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बिना आधार नहीं मिलेगी सम्मान निधि की चौथी किश्त
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बिना आधार नहीं मिलेगी सम्मान निधि की चौथी किस्त
मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की चौथी किस्त पाने के लिए किसानों को अभी इंतजार करना होगा। जब तक आधार फीडिंग नहीं हो जाती, तब तक किसानों को यह किस्त नहीं मिल पाएगी। फिलहाल जिन किसानों के बैंक खाते या आईएफएस कोड गलत होने के कारण भुगतान रुका था, उसके मिलने का रास्ता साफ हो गया है। जल्द ही किसानों को धनराशि खाते में भेजी जाएगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत एक साल में किसानों को दो-दो हजार की तीन किस्तों के माध्यम से छह हजार रुपये दिए जाते हैं। जिले में करीब एक लाख 68 हजार किसान योजना के तहत पात्र पाए गए हैं। इनमें से 58 हजार 966 किसान ऐसे शामिल थे, जिनके बैंक खाते या आईएफएस कोड गलत दर्ज थे। कुछ किसानों के नाम में भी अंतर आ रहा था। इसलिए इन किसानों को सम्मान निधि की किस्त नहीं भेजी जा सकी थी। शासन ने बैंक खातों एवं नाम में सुधार करने के निर्देश दिए थे। जिला स्तर से इन कमियों को दूर कर डाटा भेज दिया गया है। खामियां दूर हो जाने से वंचित रह रहे किसानों को भी योजना की किस्त मिलने का रास्ता साफ हो गया है। उधर, अब तक इस योजना के तहत तीन किस्तें जारी हुईं हैं। कुछ किसान दूसरी और तीसरी किस्तों से वंचित हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डाटा सही हो जाने के बाद कोई किसान तीनों किस्तों से वंचित नहीं रहेगा। योजना के तहत चौथी किस्त दिसंबर माह में जानी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने चौथी किस्त के लिए आधार फीडिंग को जरूरी कर दिया है। इसलिए सभी किसानों को अपने आधार फीड कराने होंगे, तभी उन्हें चौथी किस्त का लाभ दिया जा सकता है। कृषि विभाग में किसानों के आधार फीडिंग का काम चल रहा है। इसके बाद ही चौथी किस्त जारी होगी।
ढाई लाख किसानों में से 1.68 मिले पात्र
मुजफ्फरनगर। जिले में करीब ढाई लाख किसान हैं। कृषि विभाग में इन सभी का पंजीकरण हैं, लेकिन इनमें से अभी तक एक लाख 68 हजार के आसपास ही किसान पात्र मिले हैं। शासन से जनपद को एक लाख 48 हजार किसानों को लाभ देने का लक्ष्य मिला था, लेकिन लाभ पाने वालों की संख्या इसे ज्यादा हो गई है। उप निदेशक कृषि जसवीर तेवतिया का कहना है कि जो किसान आयकर देते हैं या सरकारी सेवा में हैं वे योजना के तहत पात्र नहीं हैं।
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- जिन किसानों के बैंक खाते या नामों में गलती थी उसका डाटा सही हो गया है। जल्द ही ऐसे किसानों के खातों में धनराशि पहुंच जाएगी। चौथी किस्त आधार फीडिंग के बाद ही मिलेगी। इसका काम तेजी से चल रहा है - जसवीर तेवतिया, उप निदेशक कृषि।
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मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की चौथी किस्त पाने के लिए किसानों को अभी इंतजार करना होगा। जब तक आधार फीडिंग नहीं हो जाती, तब तक किसानों को यह किस्त नहीं मिल पाएगी। फिलहाल जिन किसानों के बैंक खाते या आईएफएस कोड गलत होने के कारण भुगतान रुका था, उसके मिलने का रास्ता साफ हो गया है। जल्द ही किसानों को धनराशि खाते में भेजी जाएगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत एक साल में किसानों को दो-दो हजार की तीन किस्तों के माध्यम से छह हजार रुपये दिए जाते हैं। जिले में करीब एक लाख 68 हजार किसान योजना के तहत पात्र पाए गए हैं। इनमें से 58 हजार 966 किसान ऐसे शामिल थे, जिनके बैंक खाते या आईएफएस कोड गलत दर्ज थे। कुछ किसानों के नाम में भी अंतर आ रहा था। इसलिए इन किसानों को सम्मान निधि की किस्त नहीं भेजी जा सकी थी। शासन ने बैंक खातों एवं नाम में सुधार करने के निर्देश दिए थे। जिला स्तर से इन कमियों को दूर कर डाटा भेज दिया गया है। खामियां दूर हो जाने से वंचित रह रहे किसानों को भी योजना की किस्त मिलने का रास्ता साफ हो गया है। उधर, अब तक इस योजना के तहत तीन किस्तें जारी हुईं हैं। कुछ किसान दूसरी और तीसरी किस्तों से वंचित हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डाटा सही हो जाने के बाद कोई किसान तीनों किस्तों से वंचित नहीं रहेगा। योजना के तहत चौथी किस्त दिसंबर माह में जानी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने चौथी किस्त के लिए आधार फीडिंग को जरूरी कर दिया है। इसलिए सभी किसानों को अपने आधार फीड कराने होंगे, तभी उन्हें चौथी किस्त का लाभ दिया जा सकता है। कृषि विभाग में किसानों के आधार फीडिंग का काम चल रहा है। इसके बाद ही चौथी किस्त जारी होगी।
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ढाई लाख किसानों में से 1.68 मिले पात्र
मुजफ्फरनगर। जिले में करीब ढाई लाख किसान हैं। कृषि विभाग में इन सभी का पंजीकरण हैं, लेकिन इनमें से अभी तक एक लाख 68 हजार के आसपास ही किसान पात्र मिले हैं। शासन से जनपद को एक लाख 48 हजार किसानों को लाभ देने का लक्ष्य मिला था, लेकिन लाभ पाने वालों की संख्या इसे ज्यादा हो गई है। उप निदेशक कृषि जसवीर तेवतिया का कहना है कि जो किसान आयकर देते हैं या सरकारी सेवा में हैं वे योजना के तहत पात्र नहीं हैं।
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- जिन किसानों के बैंक खाते या नामों में गलती थी उसका डाटा सही हो गया है। जल्द ही ऐसे किसानों के खातों में धनराशि पहुंच जाएगी। चौथी किस्त आधार फीडिंग के बाद ही मिलेगी। इसका काम तेजी से चल रहा है - जसवीर तेवतिया, उप निदेशक कृषि।