फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Muzaffarnagar: Former MLA Shahnawaz Rana and Saddam Rana granted bail, still not released, know the reason...

Muzaffarnagar: पूर्व विधायक शाहनवाज राना और सद्दाम राना को जमानत, फिर भी नहीं हुई रिहाई, जानें क्या है वजह...

Tue, 17 Dec 2024 07:59 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Tue, 17 Dec 2024 07:59 PM IST
सार

शाहनवाज राना को जमानत मिलने के बाद पुलिस ने एक पुराने मामले में आरोपी बना दिया है। वहीं सद्दाम राना की जमानत पुलिस थाने से तस्दीक न होने के कारण नहीं हो सकी। 

विज्ञापन
Muzaffarnagar: Former MLA Shahnawaz Rana and Saddam Rana granted bail, still not released, know the reason...
कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

जीएसटी टीम के साथ बदसलूकी और हमले के मामले में पूर्व विधायक शाहनवाज राना और सद्दाम राना को जमानत मिलने के बावजूद रिहाई लटक गई है। बेटे शाह आजम राना पर दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में पूर्व विधायक को साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है। सीजेएम कोर्ट में बचाव पक्ष की ओर से दाखिल जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। अदालत ने पूर्व विधायक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। 
विज्ञापन

जानलेवा हमले में जमानत होने के बाद पुलिस ने साजिश रचने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में वारंट तामील कराया। इसके बाद जिला कारागार से कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्व विधायक को कोर्ट में पेश किया गया। बचाव पक्ष की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।  उधर, सद्दाम राना की जमानत थाना सिविल लाइंस से तस्दीक नहीं हो पाई। इस कारण वह भी रिहा नहीं हो सका। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

अब इस कारण जेल में हैं शाहनवाज 

सहायक आयुक्त राज्य कर खंड आठ प्रदुम्मन चौधरी ने सिविल लाइन थाने में नौ दिसंबर को सर्व जंबूदीप एक्सपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर पूर्व विधायक के बेटे शाह आजम राना के अलावा कामरान राना, जिया अब्बास जैदी और तौसिफ कुरैशी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। वादी का कहना था कि जंबूदीप एक्सपोर्ट एडं इंपोर्ट लिमिटेड मेरठ रोड के जीएसटी नंबर के विरुद्ध प्राप्त इनपुट के आधार पर कंपनी की जांच 2018-19 में राज्य कर विशेष अनुसंधान शाखा ने की थी। 
 
विज्ञापन

कंपनी की ओर से जो प्रपत्र प्रस्तुत किए गए, उनमें फर्जी कागजात मिले। न्यू यूपी उत्तराचंल टीपीटी कंपनी रामपुर चुंगी रुड़की, अयान रोड लाइंस राना चौक, हरियाणा महाराष्ट्र फ्रेट कैरियर कैथल हरियाणा, बरकत धर्मकांटा मेरठ रोड की बिल्टी फर्जी पेश की गई। इन संस्थानों का कोई अस्तित्व नहीं पाया गया। वेदांशु रोड कैरियर औद्योगिक क्षेत्र गाजियाबाद की बिल्टी असत्यापित पाई गई। कंपनी पर 27 करोड़ दो लाख 47 हजार 588 रुपये बकाया था, जिसे जमा नहीं कराया। कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों से आईटीसी क्लेम किया। सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाने के लिए फर्जी बिल्टियां तैयार की गई हैं। इस मामले में पूर्व विधायक को साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है, इसी वजह से रिहाई लटक गई है। बचाव पक्ष की ओर से सेशन कोर्ट में अर्जी दाखिल की जाएगी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed