मुजफ्फरनगर : लापरवाही से गर्भवती व गर्भस्थ शिशु की मौत, परिजनों का अस्पताल में जमकर हंगामा
- मृत महिला के पति ने हास्पिटल प्रबंधन पर लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
- नेगेटिव रिपोर्ट पर कोविड अस्पताल में भर्ती करने का आरोप
- सोशल मीडिया पर वायरल हुई परिजनों के हंगामे की वीडियो क्लिप
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शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव पलड़ी निवासी सचिन सैनी गाजियाबाद में पॉलीमर इंजीनियर्स कंपनी में टेक्निकल ऑफिसर है। उसकी शादी करीब छह साल पूर्व गांव हसनपुर लुहारी, थानाभवन निवासी अंजलि से हुई थी। दंपती के दो बच्चे बेटा हरमन (3) व बेटी परी (2) हैं। फिलहाल अंजलि छह माह की गर्भवती थी।
शुक्रवार सुबह महिला की एंटीजन जांच रिपोर्ट पॉजिटिव बता कर उसे एंबुलेंस 108 से फिर से बेगराजपुर मुजफ्फरनगर मेेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल कर्मियों ने कुछ कागजात पर उसके हस्ताक्षर लेने का प्रयास किया, जिससे इंकार किए जाने पर अंजलि को पॉजिटिव बताकर सुबह करीब 11 बजे कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया।
आरोप है कि इसके बाद पति लगातार पत्नी की तबीयत की जानकारी लेने के लिए हेल्पलाइन नंबर के साथ ही हॉस्पिटल प्रबंधन से गुहार लगाता रहा, लेकिन उसे कोई जानकारी नहीं दी गई। आरोप है कि करीब 12.30 बजे पहले सचिन को गर्भस्थ शिशु की मौत होने की जानकारी दी गई और उसके दो घंटे बाद फिर से कॉल कर उसे अंजलि की भी मौत होने की सूचना दी गई।
गर्भस्थ शिशु व पत्नी की मौत से गुस्साए पति व अन्य परिजनों ने हॉस्पिटल में जमकर हंगामा किया। प्रबंधन तक उपचार सही नहीं करने का आरोप लगाया। परिजनों ने इसकी वीडियो भी बनाई। हालांकि बाद में पीड़ित परिजन महिला के शव को गांव ले गए, जहां श़ुक्रवार देर रात ही कोविड प्रोटोकॉल के तहत उसका अंतिम संस्कार किया गया। शनिवार को यह परिजनों ने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल की है।
वीडियो वायरल होने के बाद जांच के आदेश
सीएमओ डॉ. एमएस फौजदार का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। वायरल वीडियो के बाद मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यदि हास्पिटल प्रबंधन की लापरवाही मिलती है तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव थी- प्राचार्य
महिला की मौत का वीडियो वायरल होने पर मेडिकल कॉलेज की ओर से शाम को अपनी सफाई दी गई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीएस मनचंदा ने अपने बयान की वीडियो जारी कर कहा कि गर्भवती महिला की शुक्रवार सुबह हुई एंटीजन जांच नेगेटिव थी, उसे जिला चिकित्सालय से भी यहां रेफर किया गया था, जिसेे कोविड वार्ड में भर्ती किया गया था। ऑक्सीजन लेबल बहुत कम होने के कारण दोपहर बाद उसकी मृत्यु हो गई।