फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Muzaffarnagar after verdict on Ayodhya

खामोशी के बीच सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा

Sun, 10 Nov 2019 12:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 10 Nov 2019 12:42 AM IST
विज्ञापन
Muzaffarnagar after verdict on Ayodhya
कोर्ट के फैसले के बाद सूना पडा प्रकाश चौक। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
खामोशी के बीच सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद नगर में एकबारगी सन्नाटा पसर गया। शनिवार को दिन की शुरुआत थोड़ी देर के लिए थम सी गई। प्रमुख मार्गों पर वाहन नहीं दिखे। रोडवेज तथा रेलवे स्टेशन पर भी सामान्य दिनों की भांति भीड़ नजर नहीं आई। शिव चौक और मीनाक्षी चौक पर पुलिस और प्रशासनिक अमले की मौजूदगी से चहल-पहल थी, लेकिन अन्य अधिकांश चौराहों पर बेहद कम आवाजाही रही। सामान्य दिनों के मुकाबले 25 से 30 प्रतिशत लोग ही सड़कों पर निकले। बाजार में दुकानें खुली और कुछ अधखुली रहीं, लेकिन ग्राहक नहीं थे। दोपहर बाद से रौनक बढऩी शुरू हुई और शाम तक जनजीवन पटरी पर लौटने लगा।
शनिवार सुबह 10.30 बजे सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या प्रकरण पर फैसला सुनाना शुरू किया तो लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों में कैद हो गए। हर कोई फैसले के बारे में जानना चाहता था। फैसला आने के बाद सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। शिव चौक पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी जमा थे। सुबह 10.40 बजे मीनाक्षी चौक पर दोनों वर्गों के लोग जमा थे। दिलशाद पहलवान, नौशाद कुरैशी सभासद, नरेश संगल, सत्तार, मोहम्मद जुल्फकार, दीपक गंभीर, कुल्लन देवी, सोनू सरवट आदि ने एक साथ मिलकर एकता एवं शांति-सद्भाव का संदेश दिया। इन लोगों ने हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई के नारे लगाए। थोड़ा आगे मेरठ रोड के दोनों ओर की दुकानें तो खुली थी, लेकिन ग्राहक नहीं थे।
विज्ञापन

आयकर कार्यालय के सामने आगे तक रोड पर सन्नाटा पसरा था। हर समय वाहनों और यात्रियों से व्यस्त रहने वाले महावीर चौक पर 10.45 बजे 10-12 यात्री इधर-उधर बसों के इंतजार में बैठे दिखे। पास में ही सवारियों के इंतजार में ई-रिक्शाओं की लंबी कतार लगी थी। रिक्शा चालक अलताफ ने बताया कि सुबह से केवल चार सवारियां मिली हैं। लोग घरों से बाहर निकल ही नहीं रहे। रेलवे रोड 10.50 बजे सूना पड़ा था। 11 से 12 बजे तक सुपर, उत्कल, अंबाला पैसेंजर ट्रेनों के आने का समय होता है, लेकिन 10.55 बजे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर नाममात्र ही यात्री दिखे। रोडवेज बस स्टैंड परिसर बसों से खचाखच भरा था, लेकिन यात्रियों की संख्या कम थी। हर समय जाम से जूझने वाला प्रकाश चौक 11.05 बजे सुनसान सा पड़ा था। चौराहे के पास किताबों, इलेक्ट्रानिक्स एवं अन्य दुकानें खुली थीं लेकिन इन पर इक्का-दुक्का ही ग्राहक थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

अंसारी रोड पर बाइक दौड़ते दिखे युवा
मुजफ्फरनगर। नगर की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल अंसारी रोड के दोनों ओर का बाजार आम दिनों की तरह खुला था, लेकिन सड़क पर भीड़ नहीं थी। 11.10 बजे दो युवा तेजी से बाइक दौड़ाते हुए निकले। नावल्टी चौक पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें टोका तो वे बाइक लेकर लौट गए। घासमंडी रोड पर भी इक्का-दुक्का ई-रिक्शा और दुपहिया वाहन नजर आया।

जिला अस्पताल में नहीं पहुंचे मरीज
मुजफ्फरनगर। सामान्य दिनों में मरीजों से खचाखच भरा रहने वाला स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय शनिवार को खाली था। 12 बजे के बाद पंजीकरण खिड़की पर एक भी मरीज नहीं था। फिजिशियन कक्ष के बाहर 10-12 मरीज लाइन में लगे थे, जबकि दवा खिड़की पर भी एक-दो मरीज ही दवा लेते नजर आए। अन्य दिनों में दवा खिड़की पर अस्पताल समय में सैकड़ों की भीड़ रहती है। पैथोलॉजी लैब में भी मात्र 100 ही लोग सैंपल देने के आए. जबकि अन्य दिनों में यह संख्या 200 तक होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed