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15 साल पूर्व गांव ही छोड़कर जा चुका है मुस्तकीम का परिवार
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15 साल पूर्व गांव छोड़कर जा चुका है मुस्तकीम का परिवार
मुजफ्फरनगर/तितावी। एटीएस लखनऊ की गिरफ्त में आए अंसार गजवातुल हिंद मॉड्यूल से संबंधित तीन संदिग्ध लोगों में शामिल तितावी के गांव मांडी निवासी मोहम्मद मुस्तकीम को गांव में कोई नहीं जानता। उसका परिवार करीब 15 साल पूर्व गांव छोड़कर दिल्ली चला गया था। गांव में स्थित उसका कच्चा मकान भी खंडहर में तब्दील हो चुका है, जिसे देखने तक कोई नहीं आया। एटीएस लखनऊ ने तीन संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मूल रूप से जनपद के थाना तितावी के गांव मांडी निवासी मोहम्मद मुस्तकीम भी शामिल है।
मुस्तकीम के पिता सईद अहमद पूर्व में गांव में रहते थे, जो करीब 15 साल पूर्व ही गांव छोड़कर पूरे परिवार के साथ दिल्ली रहने चले गए थे। इसके बाद से परिवार का कोई सदस्य कभी गांव नहीं लौटा, न ही कभी किसी से संपर्क किया। इसके चलते गांव में किसी को नहीं मालूम कि यह परिवार अब कहां रहता है। गांव में स्थित सईद अहमद का कच्चा मकान भी पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुका है। कुछ बुजुुर्ग ग्रामीणों ने बताया कि सईद अहमद के तीन बेटे थे, जिनमें बड़ा बेटा मोहसिन कार चलाता था। उससे छोटा मुस्तकीम और सबसे छोटा बबला है। गांव से जाने के बाद परिवार ने कभी भी गांव में किसी से न तो बात की और न कभी मिलने ही आए। इसके चलते उसके परिवार के सदस्यों को भी अब कोई नहीं जानता। यहां तक कि गांव की वोटर लिस्ट में भी अब उसके या उसके परिवार के किसी सदस्य का नाम नहीं है। वहीं, तितावी पुलिस का कहना है कि सईद अहमद के साथ ही उसके तीनों बेटों के खिलाफ थाने में किसी तरह का कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, जिसके चलते पुलिस को भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
-मोहम्मद मुस्तकीम का परिवार 15 साल पहले गांव मांडी छोड़ कर चला गया था। अब यहां कोई नहीं रहता है। मुस्तकीम और उसके परिवार के खिलाफ भी कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है।
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- अभिषेक यादव
एसएसपी
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मुजफ्फरनगर/तितावी। एटीएस लखनऊ की गिरफ्त में आए अंसार गजवातुल हिंद मॉड्यूल से संबंधित तीन संदिग्ध लोगों में शामिल तितावी के गांव मांडी निवासी मोहम्मद मुस्तकीम को गांव में कोई नहीं जानता। उसका परिवार करीब 15 साल पूर्व गांव छोड़कर दिल्ली चला गया था। गांव में स्थित उसका कच्चा मकान भी खंडहर में तब्दील हो चुका है, जिसे देखने तक कोई नहीं आया। एटीएस लखनऊ ने तीन संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मूल रूप से जनपद के थाना तितावी के गांव मांडी निवासी मोहम्मद मुस्तकीम भी शामिल है।
मुस्तकीम के पिता सईद अहमद पूर्व में गांव में रहते थे, जो करीब 15 साल पूर्व ही गांव छोड़कर पूरे परिवार के साथ दिल्ली रहने चले गए थे। इसके बाद से परिवार का कोई सदस्य कभी गांव नहीं लौटा, न ही कभी किसी से संपर्क किया। इसके चलते गांव में किसी को नहीं मालूम कि यह परिवार अब कहां रहता है। गांव में स्थित सईद अहमद का कच्चा मकान भी पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुका है। कुछ बुजुुर्ग ग्रामीणों ने बताया कि सईद अहमद के तीन बेटे थे, जिनमें बड़ा बेटा मोहसिन कार चलाता था। उससे छोटा मुस्तकीम और सबसे छोटा बबला है। गांव से जाने के बाद परिवार ने कभी भी गांव में किसी से न तो बात की और न कभी मिलने ही आए। इसके चलते उसके परिवार के सदस्यों को भी अब कोई नहीं जानता। यहां तक कि गांव की वोटर लिस्ट में भी अब उसके या उसके परिवार के किसी सदस्य का नाम नहीं है। वहीं, तितावी पुलिस का कहना है कि सईद अहमद के साथ ही उसके तीनों बेटों के खिलाफ थाने में किसी तरह का कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, जिसके चलते पुलिस को भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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-मोहम्मद मुस्तकीम का परिवार 15 साल पहले गांव मांडी छोड़ कर चला गया था। अब यहां कोई नहीं रहता है। मुस्तकीम और उसके परिवार के खिलाफ भी कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है।
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- अभिषेक यादव
एसएसपी