फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   reshma is also against triple talaq after aatia and shagufta

तीन तलाक पर मुस्लिम महिलाएं बोली, नहीं नहीं नहीं

Fri, 31 Mar 2017 05:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो/सहारनपुर Updated Fri, 31 Mar 2017 05:42 PM IST
विज्ञापन
reshma is also against triple talaq after aatia and shagufta
रेशमा। - फोटो : अमर उजाला
पहले आतिया, फिर शगुफ्ता और अब रेशमा तीन तलाक के खिलाफ उठ खड़ी हुई है। प्रधानमंत्री को तीन तलाक के नियमों में संशोधन के लिए पत्र भेजा है और आपबीती लिखते हुए इंसाफ की मांग की है।
विज्ञापन


रेशमा को उसके पति ने निकाह के एक माह बाद ही फोन पर तलाक दे दिया था। 2011 में निकाह हुआ था और एक सप्ताह बाद ही छोड़ दिया। फिर तलाक देकर उसकी जिंदगी बर्बाद कर डाली। एफआईआर भी दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। छह साल से न्याय के लिए भटक रही है। 
विज्ञापन


शहर के बेहट रोड स्थित मोहल्ला गंगोत्री विहार निवासी रेशमा ने बृहस्पतिवार को तीन तलाक के कानून में संशोधन की जरूरत बताते हुए पत्र लिखा है और अपने लिए भी इंसाफ की मांग की है। 28 वर्षीय रेशमा बताती है कि उसका निकाह 2011 में देहरादून के मोहल्ला शिवपुरी निवासी इश्तेखार के साथ हुआ था। रेशमा का आरोप है कि इश्तेखार ने उसे अपने पास एक सप्ताह रखने के बाद उसके मायके भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


वह उसके आने का इंतजार करती रही, लेकिन वह नहीं आया। वह फोन भी करती रही, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। लगभग एक माह बाद इश्तेखार का फोन आया और फोन पर ही उसने तीन बार तलाक, तलाक, तलाक कह दिया। उसने कहा कि अब उसका उससे कोई रिश्ता नहीं है।

चंद मिनटों में ही उसके सारे सपने जैसे बिखर गए। उसने अपनी गलती पूछने का भी प्रयास किया कि उसकी जिंदगी से ऐसा खिलवाड़ क्यों कर रहा है, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। कुछ दिन बाद पता चला कि उसने किसी दूसरी लड़की से निकाह कर लिया है। जिस पर उसके होश उड़ गए। बिना किसी गलती के उसकी जिंदगी तबाह हो गई। उसने 2012 में इश्तेखार के खिलाफ महिला थाने में तहरीर दी।

कोई कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट के माध्यम से एफआईआर दर्ज कराई। तब से वह लगातार थाना एवं कचहरी के चक्कर काट रही है और उसको तलाक देने वाला पति उसकी जिंदगी बर्बाद करके आराम से रह रहा है। उसका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव से पहले तीन तलाक को लेकर जो वायदा किया था उस पर वह अमल करें। जिससे उसे और उन जैसी महिलाओं को न्याय मिल सके।


 आतिया और शगुफ्ता ने भी भेजा है पीएम को पत्र
सहारनपुर। रेशमा से पहले तीन तलाक के विरोध के दो और मामले सामने आए हैं। आली चुुंगी निवासी आतिया साबरी ने सुप्रीम कोर्ट में न्याय के लिए अपील की है और प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। इसके अलावा नानौता की शगुफ्ता ने भी तीन तलाक के कानून में संशोधन की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed