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जीवन का 80वां साल सांप्रदायिक सौहार्द में लगाऊंगा

Thu, 15 Feb 2018 12:08 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर Updated Thu, 15 Feb 2018 12:08 AM IST
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Muslim leaders from Ajit Singh in Muzaffarnagar
मुस्लिम नेताओं से वार्ता करे चौधरी अजित सिंह। - फोटो : अमर उजाला
रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने कहा कि कासगंज जैसी घटना कराकर बीजेपी चुनाव जीतना चाहती है। भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी बिल्कुल झूठे हैं। मुख्यमंत्री योगी को प्रदेश के बारे में कुछ मालूम नहीं है। आरएसएस को कश्मीर से कन्याकुमारी तक झूठ का प्रचार करने में महारत हासिल है।
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कहा कि जीवन का 80वां साल वह सांप्रदायिक सौहार्द के लिए देना चाहते हैं। भाजपा को हराने के लिए वह सभी दलों के गठबंधन के पक्ष में हैं। उनका पहला मकसद भाजपा को जड़ से उखाड़ फेंकना है और जड़ मुजफ्फरनगर में है। भाजपा पर किसानों को धोखा देने और जाट आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगाया। 
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लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले पर पत्रकारों से वार्ता में चौधरी अजित सिंह ने कहा कि भाजपा झूठी पार्टी है। इसके नेता केवल झूठ बोलते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने जनता से किया एक भी वादा पूरा नहीं किया। बजट में किसानों के लिए की गई घोषणाएं केवल झूठ का पुलिंदा है। योजनाओं के लिए बजट इनके पास है ही नहीं।
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बजट की घोषणाएं केवल चुनावी घोषणा है। किसानों की आय दोगुनी करने की बात कहकर गुमराह कर रहे हैं। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट इन्होंने लागू ही नहीं की है। गेहूं की बंपर पैदावार हुई, इसके बाद इंपोर्ट ड्यूटी घटाकर बाहर से गेहूं मंगाया। चीनी का रिकार्ड उत्पादन होने के बाद भी इंपोर्ट की जा रही है। सरकार की नीति किसान विरोधी है। युवाओं को रोजगार देने की बात जुमला साबित हुई। जब से बीजेपी सरकार बनी है रोजगार घट गए है। 

जीएसटी से छोटा व्यापारी मर गया है। दंगा कराने के अलावा इनके पास कोई योजना नहीं है। कासगंज की घटना लोकसभा चुनाव से पहले कराकर माहौल को गरमाने का काम किया। गठबंधन को लेकर कहा कि बीजेपी को हराने के लिए सभी दलों को एक होना होगा। रालोद इसके लिए तैयार है। भाजपा को जाट आरक्षण विरोधी बताते हुए कहा कि चुनाव से पहले ये मंदिर मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने कहा कि मीट का एक्सपोर्ट कम नहीं हुआ है।

हरित प्रदेश भाजपा नहीं बनने देना चाहती है। मुख्यमंत्री योगी को प्रदेश के बारे में कुछ पता नहीं है। प्रदेश में क्या हो रहा है वह नहीं जानते। प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, प्रदेश अध्यक्ष मसूद अहमद, प्रवक्ता सुनील रोहटा, पूर्व सांसद अमीर आलम, पूर्व विधायक शाहनवाज राना, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, धर्मवीर बालियान, पूर्व विधायक राजपाल बालियान, जिलाध्यक्ष अजित राठी, सुधीर भारतीय आदि पत्रकार वार्ता में मौजूद रहे।

बीजेपी से गठबंधन पर हाथ जोडे़
भविष्य में बीजेपी से गठबंधन पर अजित सिंह ने हाथ जोड़ लिए। उन्होंने कहा कि किसी से भी गठबंधन हो सकता है, भाजपा से कोई बातचीत नहीं होगी। अजित सिंह ने कहा कि पुलिस का काम अपराधियों को पकड़ने का है, दंड देने का नहीं है। सरकार ने पुलिस को इतनी छूट दे दी यह ठीक नहीं है।

उन्होंने यहां तक कह दिया कि भाजपा सरकार में सपा सरकार के मुकाबले अपराध बढे़ हैं। क्राइम कंट्रोल नहीं हो रहा है। प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर खुद कह रहे हैं कि थानों में भ्रष्टाचार बढ़ गया है। जयंत चौधरी को पार्टी की कमान सौंपने के सवाल पर अजित सिंह ने कहा कि रालोद के सभी कार्यकर्ता जानते हैं कि कमान जयंत के ही हाथों में है। पूरी पार्टी वही देख रहे हैं। 

चौधरी से मिले जमीयत उलमा हिंद के नेता 
दंगों के बाद जाट और मुस्लिम के बीच बनी दूरियों को पाटने आए अजित सिंह से बुधवार को जमीयत उलमा ए हिंद के नेता डॉ जमालुदीन कासमी, मौलाना हाफिज फुरकान, मौलाना ताहिर कासमी, मौलाना मूसा कासमी, शमीम कस्सार, इकराम के अलावा सामाजिक संगठनों से अजमलुर्रहमान, आसिफ राही, गौहर सिद्दीकी, नसीम बघरा, मौलाना गुलजार, गुलाम मोहम्मद जौला, मौबीन जौला आदि ने मुलाकात की।

उन्होंने अजित सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुसलमान हमेशा से सामाजिक सद्भाव को आगे ले जाने के लिए तत्पर रहा है, हम तैयार हैं लेकिन पहला कदम आपको ही बढ़ाना होगा। अजित सिंह के सामने यह शर्त रखी कि वो पहले जमीयत के प्रदेशाध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के साथ मंच साझा करें, तब हम आगे बढ़ेंगे।

इस पर अजित सिंह ने कहा कि महमूद मदनी तो हमारे आदमी हैं, हमें इसमें कोई गुरेज नहीं। इस पर जमीयत के लोगों ने फिर दोहराया कि महमूद मदनी से आपके क्या ताल्लुकात हैं, हमें सरोकार नहीं। हम चाहते हैं कि आप मौलाना अरशद मदनी को दावत दें और मुलाकात करें।

दलितों का प्रतिनिधिमंडल मिला
मुजफ्फरनगर। रालोद नेता नरेंद्र खजूरी के नेतृत्व में दलितों का एक प्रतिनिधिमंडल चौधरी अजित सिंह से मिला। साथ ही कल्लनपुर में दलित की पिटाई के मामले में रालोद के साथ खड़े होने का धन्यवाद दिया।

जाट-मुस्लिम समीकरण का साधने का प्रयास किया
मुजफ्फरनगर। दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में विभिन्न मुस्लिम, जाट व अन्य सामाजिक संगठनों के लोगों से मुलाकात की। प्रदेश प्रवक्ता सुनील रोहटा ने बताया कि छोटे चौधरी का मुजफ्फरनगर आने का कारण चुनाव लड़ना न होकर दंगे का दंश झेल रहे जनपद से आपसी भाईचारे को कायम कर सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करना रहा।

ताकि अस्त-व्यस्त हुई किसान एकता को दोबारा संगठित कर शोषण के खिलाफ लड़ाई को मजबूती से लड़ किसान-मजदूर की समृद्धि के लिए काम किया जा सके। बताया कि पश्चिम में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के समय से चले आ रहे जाट-मुस्लिम और अन्य किसान बिरादरियों के गठजोड़ वाले समीकरण को साधने का चौधरी अजित सिंह ने प्रयास किया। यह प्रयास केवल मुजफ्फरनगर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश भर में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा।


पहले चरण में अजित सिंह पश्चिम उत्तर प्रदेश के जनपदों में पहुंच कर कार्यकर्ताओं, विभिन्न संगठनों और किसानों से रूबरू होकर क्षेत्र में भाईचारा मजबूत कर किसानों को संगठित करने का काम करेंगे। उन्होंने शुरूआत जनपद मुजफ्फरनगर से की है। इसी क्रम में जल्द ही शामली, बागपत, बिजनौर और मेरठ के कार्यक्रमों की तिथि की घोषणा की जाएगी।
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