बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

गांव की जमीन बेचकर बना था दिल्ली का प्रॉपर्टी किंग    

अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Wed, 24 May 2017 12:52 AM IST
विज्ञापन
मुनव्वर हसन के घर बैठे आसपास के लोग।
मुनव्वर हसन के घर बैठे आसपास के लोग। - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव बझेड़ी निवासी मुनव्वर हसन फर्श से अर्श पर पहुंचा था। वह 25 साल पहले गांव की अपनी साढ़े पांच बीघा जमीन बेचकर दिल्ली में जा बसा था। वहां जमीन के कारोबार में जुड़कर दिल्ली का प्रॉपर्टी किंग बन गया था। दिल्ली में बसने के बावजूद उसका अपने गांव की मिट्टी का मोह नहीं छूटा था। वह त्योहारों और शादी समारोह में परिवार समेत गांव आता रहता था।      
विज्ञापन


बझेड़ी निवासी मुनव्वर हसन के सिर से पिता का साया केवल 14 साल की उम्र में उठ गया था। आर्थिक तंगी के कारण वह पढ़ नहीं पाया। मां खुर्शीदा और दो बहनें तसमीन एवं आसमीन की जिम्मेदारी भी उस पर आ गई थी। छोटी सी उम्र में उसने मेहनत की। सरवट गांव में उसने कुट्टी की मशीन लगाकर चारा बेचने का काम किया। इस दौरान उसने बहनों को शिक्षित किया। कुछ कर गुजरने की मंशा रखने वाले मुनव्वर हसन ने गांव की जमीन बेचकर दिल्ली जाने का मन बनाया।


इसी दौरान उसने शहर के  मोहल्ला घासमंडी निवासी सोनिया उर्फ इशरत से शादी की। करीब 25 साल पहले वह गांव की अपनी साढ़े पांच बीघा जमीन बेचकर दिल्ली चला गया था। जमीन से मिले रुपयों को दिल्ली मेें प्रॉपर्टी खरीदी और इसके बाद उसे बेचने का कार्य शुरू किया। दिल्ली के बुराड़ी इलाके की जगत कालोनी में वह परिवार समेत रहने लगा।

कुछ ही सालों में वह दिल्ली में प्रॉपर्टी किंग बन गया था। इस दौरान उसने बड़ी बहन तसमीम का निकाह गांव खुड्ड़ा में और छोटी बहन आसमीन का निकाह गांव मनकी देवबंद में किया। दिल्ली में वह बसपा से जुड़ा और बुराड़ी विधानसभा से चुनाव भी लड़ा था। दिल्ली में बसने के बाद भी वह गांव की मिट्टी का मोह नहीं छोड़ पाया था।    

छह माह पहले चाचा के इंतकाल पर आया था गांव      
मुजफ्फरगर। मुनव्वर हसन के बड़े चाचा ईशा का करीब छह माह पहले इंतकाल हो गया था। मुनव्वर आखिरी बार गांव आया था। छोटे चाचा सलीम बताते हैं कि मुनव्वर हमेशा हमारे सुख-दुख में साथ रहता था। त्योहारों पर वह परिवार के साथ गांव आता था।      

हत्याभियुक्तों को फांसी की सजा मिले      
मुजफ्फरनगर। मुनव्वर हसन और उसके परिवार की हत्या से परिजनों में कोहराम मचा है। पूरा गांव शोक में डूबा है। चाचा सलीम, चचेरे भाई नईम, बाबर, नदीम, नसीम, तनवीर, दानिश, आमिर समेत सभी परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने रोते हुए कहा कि शाहिद को मुनव्वर ने भाई से भी ज्यादा माना था, उसने ही उसके परिवार को खात्मा कर दिया। उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए, तभी मनव्वर और उसके परिजनों की रूह को सकून मिलेगा।      

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us