{"_id":"588b9e0c4f1c1ba333cf71ca","slug":"mouni-moon","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 28 Jan 2017 12:53 AM IST
विज्ञापन
शुक्रताल में गंगा पूजन करते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीर्थनगरी शुक्रताल में मोनी अमावस्या के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं ने गंगा मैय्या में आस्था की डुबकी लगा दान कर पुण्य कमाया। इस मौके पर दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने पितरों को तर्पण कर सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा अर्चना की। नगर के मंदिरों और आश्रमों में मेले जैसा माहौल बना रहा।
शुक्रताल स्थित गंगा घाट पर शुक्रवार की सुबह सवेरे श्रद्धालुओं ने मां गंगा में स्नान किया। इसके बाद पितरों के तर्पण को लेकर दाल, अनाज, चावल, तिल, घी, फल आदि का दान गरीब असहाय लोगों को कर पुण्य अर्जित किया। अपने पुरखों की आत्मा की शांति को लेकर सूर्यदेव को अर्घ्य देकर पूजा अर्चना की।
नगर के शुकदेव आश्रम में शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याण देव की समाधि के दर्शन कर पुष्पांजलि अर्पित की। प्राचीन शुकदेव मंदिर स्थित वट वृक्ष की परिक्रमा कर भगवान शुकदेव व श्रीकृष्ण सप्त ऋषि मंदिरों में पूजा अर्चना कर अपने परिजनों की खुशहाली के लिए मन्नत मांगी।
विज्ञापन
हनुमान धाम, दंडी आश्रम, गणेशधाम, शिवधाम, दुर्गाधाम, पीताम्बराधाम, गोड़िया मठ, मानव निर्माध आश्रम, सच्चा प्रकाश आश्रम, मां पार्वती धाम, शनिधाम, महाशक्ति सिद्धपीठ आदि मंदिरों के दर्शन किए। वहीं स्वामी ओमानंद जी महाराज, स्वामी गुरुदत्त महाराज, स्वामी केश्वानंद सरस्वती महाराज, स्वामी महेश्वर आश्रम महाराज, स्वामी वेददास महाराज, स्वामी कुलभूषण महाराज, स्वामी गीतानंद महाराज, स्वामी गीतानंद गिरी महाराज, स्वामी भजनानंद महाराज, स्वामी महानंद महाराज, योगिनी माता राजनंदेश्वरी, स्वामी कृपालदास महाराज, स्वामी गोपालाचार्य महाराज आदि से आशीर्वाद लेकर उनके प्रवचन सुने।
विज्ञापन
शुक्रताल स्थित गंगा घाट पर शुक्रवार की सुबह सवेरे श्रद्धालुओं ने मां गंगा में स्नान किया। इसके बाद पितरों के तर्पण को लेकर दाल, अनाज, चावल, तिल, घी, फल आदि का दान गरीब असहाय लोगों को कर पुण्य अर्जित किया। अपने पुरखों की आत्मा की शांति को लेकर सूर्यदेव को अर्घ्य देकर पूजा अर्चना की।
विज्ञापन
नगर के शुकदेव आश्रम में शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याण देव की समाधि के दर्शन कर पुष्पांजलि अर्पित की। प्राचीन शुकदेव मंदिर स्थित वट वृक्ष की परिक्रमा कर भगवान शुकदेव व श्रीकृष्ण सप्त ऋषि मंदिरों में पूजा अर्चना कर अपने परिजनों की खुशहाली के लिए मन्नत मांगी।
विज्ञापन
हनुमान धाम, दंडी आश्रम, गणेशधाम, शिवधाम, दुर्गाधाम, पीताम्बराधाम, गोड़िया मठ, मानव निर्माध आश्रम, सच्चा प्रकाश आश्रम, मां पार्वती धाम, शनिधाम, महाशक्ति सिद्धपीठ आदि मंदिरों के दर्शन किए। वहीं स्वामी ओमानंद जी महाराज, स्वामी गुरुदत्त महाराज, स्वामी केश्वानंद सरस्वती महाराज, स्वामी महेश्वर आश्रम महाराज, स्वामी वेददास महाराज, स्वामी कुलभूषण महाराज, स्वामी गीतानंद महाराज, स्वामी गीतानंद गिरी महाराज, स्वामी भजनानंद महाराज, स्वामी महानंद महाराज, योगिनी माता राजनंदेश्वरी, स्वामी कृपालदास महाराज, स्वामी गोपालाचार्य महाराज आदि से आशीर्वाद लेकर उनके प्रवचन सुने।