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मदर्स डे विशेष: मां ने लगाए भरोसे के पंख तो तनवी ने भरी उड़ान, दुबई में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बनाईं पहचान

Sun, 12 May 2024 01:37 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 12 May 2024 01:37 PM IST
सार

कम उम्र में भौराकलां क्षेत्र की बेटी तनवी का हौसला बेमिसाल है। समाज की दकियानूसी को दरकिनार कर खेड़ी गनी निवासी किसान की बेटी तनवी मलिक को खेल की दुनिया में पहचान मिली है।

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Mothers Day Special: Mother spread wings of trust and Tanvi flew, made international recognition in Dubai
Tanvi - फोटो : amarujala

विस्तार

समाज की दकियानूसी को दरकिनार कर खेड़ी गनी निवासी किसान की बेटी तनवी मलिक को खेल की दुनिया में पहचान मिली है। परिजनों के विरोध के बावजूद मां सुदेश ने बेटी के सपने में पंख लगाए और प्रशिक्षण दिलाने का फैसला किया। एथलेटिक्स खेलों में 800 मीटर दौड़ में उन्होंने दुबई में पांचवा स्थान प्राप्त कर तिरंगा फहराया।

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कम उम्र में भौराकलां क्षेत्र की बेटी तनवी का हौसला बेमिसाल है। गांव खेड़ी गनी निवासी किसान जितेंद्र की बेटी ने कक्षा तीन तक पढ़ाई गांव में की। बचपन से पढ़ाई के साथ खेलकूद में उनकी परफॉमेंस शानदार रही।
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बेटी ने कॅरिअर में उच्च मुकाम पाने के लिए बेहतर परफॉमेंस बनाने के लिए पापा से बाहर जाने की इच्छा जताई। लेकिन वह बाहर भेजने को तैयार नहीं थे। इसी बीच बेटी की इच्छा का मम्मी ने भरपूर समर्थन किया। शिक्षा और खेल की तैयारी के लिए गांव से चार किलोमीटर दूर गढ़ी नौआबाद स्थित स्कूल में दाखिला करा दिया। यहां से बेटी के कॅरियर का सफर शुरू हुआ।

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पांच साल तक दौड़ लगाकर जातीं थी स्कूल
कड़े संघर्ष से जीवन में निखार आता है। तनवी बतातीं है उन्होंने सुबह चार बजे उठकर दौड़ लगाईं। गढ़ी नौआबाद तक अलसुबह कभी पापा साइकिल से साथ रहते थे, तो कभी खुद चार किमी तक खुद दौड़ने निकल पड़ती थी।

सुनसान जंगल में अकेले दौड़ने में खतरा रहता था। लेकिन मम्मी ने हर कदम पर हौसला बढ़ाया। वहां स्कूल में पांच साल पढ़ी। पढ़ाई के साथ शाम को खेलकूद की कक्षाएं होती थी। पढ़ाई के बाद तीन बजे गांव में गाड़ी से आती और यूनिफॉर्म बदलकर फिर से धूप में दौड़ लगाती गढ़ी स्कूल जाती थी। वहां खेल प्रतिभा तराशने में पसीना बहाना।
 

जीजा ने मेरठ दिलाया एडमिशन
गांव में रहकर उच्च प्राथमिक शिक्षा के हासिल करने बाद मेरठ रहने लगी। वहां किराये के मकान में एक साल भाई ने साथ रहकर बहन का मार्गदर्शन किया। बतातीं है स्टेट स्तर मेडल मिलने शुरू हुए तो जीजा ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण दिलाने के लिए मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में एडमिशन दिलाया। वर्तमान में वहां खेलों की तैयारी कर रही है। नीतू और मीनू दोनों बहनों की शादी हो चुकी है।

अमेरिका से सोना लाने की तमन्ना
तनवी कहतीं है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन महीने बाद विश्व स्तरीय खेल अमेरिका में होंगे। इसके लिए कंपटीशन डेढ़ महीने बाद पंचकूला में होना है। उनकी तमन्ना अमेरिका से पदक लाने की है। तनवी ने पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुबई में 48 देशों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पांचवां स्थान पाकर पदक प्राप्त किया। बकौल तनवी, इस साल इंटर पास किया है, स्नातक कोर्स में प्रवेश लेकर पढ़ाई जारी रखेंगी।

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