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हादसे में मां और दो बच्चों की मौत, वहलना चौक पर ट्रक ने तीनों को कुचला
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 19 May 2018 12:46 AM IST
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हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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वहलना चौक के पास हुए भीषण सड़क हादसे में मां और दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि पिता-पुत्र गंभीर घायल हो गए। दंपति अपने तीन बच्चों के साथ बाइक से गांव लछेड़ा जा रहा था। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव लछेड़ा निवासी कमल (28) पुत्र पवन कश्यप शुक्रवार को पत्नी अंजलि (26) और तीन बच्चों के साथ मुजफ्फरनगर आया था।
डॉक्टर से दवाई लेने के बाद सभी एक ही बाइक से शहर से गांव लौट रहे थे। अपराह्न करीब चार बजे जब वे वहलना चौक पर पहुंचे तो पुलिस चौकी के निकट ही अचानक बाइक फिसल गई। इसी दौरान बराबर से निकल रहे ट्रक की चपेट में पूरा परिवार आ गया। जिससे अंजलि, बेटा लक्ष्य (8 माह) और बेटी वासु (6) की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में कलम और बेटा आर्यन (5) गंभीर घायल हो गए। हादसे से मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस ने घायल पिता पुत्र को अस्पताल भिजवाया तथा मां और दोनों बच्चों के शवों को सीधे पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर ट्रक को कब्जे में ले लिया है। कमल के पिता पवन कश्यप ने सिविल लाइन थाने पर ट्रक चालक के खिलाफ दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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मां-बच्चों की मौत से परिवार में कोहराम मचा
मां और दो बच्चों की सड़क हादसे में मौत होने से परिवार में कोहराम मचा है। वहीं तीन परिजनों की मौत से गांव लछेड़ा में शोक व्याप्त है। मंसूरपुर के गांव लछेड़ा निवासी पवन कश्यप के परिवार पर शुक्रवार को गमों का पहाड़ टूट गया।
उसने हंसी खुशी शुक्रवार सुबह बहू अंजलि और बच्चों को शहर भेजा था, उसे तब यह पता नहीं था कि बहू अंजलि, मासूम पौत्र लक्ष्य और पौत्री वाशु उर्फ खुशी लौट कर नहीं आएंगे। बेटे पवन और पौत्र आर्यन भी गंभीर घायल है। पवन मजदूरी करता है।
करीब 12 साल पहले पत्नी सुनीता की मौत होने पर उसने बड़े बेटे कमल की शादी हाथी करौदा निवासी अंजलि के साथ की थी। अंजलि ने ससुराल आते ही घर को संभाल लिया था। कमल ट्रैक्टर चलाने का काम करता है, जबकि उसका छोटे भाई राहुल की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। लक्ष्य की तबीयत कुछ दिनों से खराब चल रही थी। उसे डॉक्टर को दिखाने के लिए कमल पत्नी अंजलि को लेकर शहर आ रहा था। वह आर्यन और वाशु को घर पर ही छोड़ कर आना चाहता था, मगर अंजलि ने कहा कि बच्चे साथ ही चलेगे।
दोपहर को डॉक्टर के यहां लक्ष्य को दिखाया। इसके बाद वे बाइक से गांव लौट रहे थे, मगर उन्हें मालूम नहीं था कि रास्ते में मौत अपना जाल बिछाए है। जैसे ही वहलना चौक पर पहुंचे तो तभी बाइक फिसल गई। कमल और आर्यन बाए ओर गिरे, जबकि अंजलि मासूम लक्ष्य और वासु दायी ओर सड़क पर गिरे।
इसी दौरान बराबर से गुजर रहे ट्रक की चपेट में तीनों आ गए और पहिये के नीचे कुचले जाने से तीनों की मौत हो गई। हादसे की खबर परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया। पवन और अन्य परिजन शहर की ओर दौड़ पड़े। घर पर ग्रामीणों का तांता लग गया। पूरे गांव में शोक व्याप्त हो गया।
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डॉक्टर से दवाई लेने के बाद सभी एक ही बाइक से शहर से गांव लौट रहे थे। अपराह्न करीब चार बजे जब वे वहलना चौक पर पहुंचे तो पुलिस चौकी के निकट ही अचानक बाइक फिसल गई। इसी दौरान बराबर से निकल रहे ट्रक की चपेट में पूरा परिवार आ गया। जिससे अंजलि, बेटा लक्ष्य (8 माह) और बेटी वासु (6) की मौके पर ही मौत हो गई।
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हादसे में कलम और बेटा आर्यन (5) गंभीर घायल हो गए। हादसे से मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस ने घायल पिता पुत्र को अस्पताल भिजवाया तथा मां और दोनों बच्चों के शवों को सीधे पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर ट्रक को कब्जे में ले लिया है। कमल के पिता पवन कश्यप ने सिविल लाइन थाने पर ट्रक चालक के खिलाफ दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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मां-बच्चों की मौत से परिवार में कोहराम मचा
मां और दो बच्चों की सड़क हादसे में मौत होने से परिवार में कोहराम मचा है। वहीं तीन परिजनों की मौत से गांव लछेड़ा में शोक व्याप्त है। मंसूरपुर के गांव लछेड़ा निवासी पवन कश्यप के परिवार पर शुक्रवार को गमों का पहाड़ टूट गया।
उसने हंसी खुशी शुक्रवार सुबह बहू अंजलि और बच्चों को शहर भेजा था, उसे तब यह पता नहीं था कि बहू अंजलि, मासूम पौत्र लक्ष्य और पौत्री वाशु उर्फ खुशी लौट कर नहीं आएंगे। बेटे पवन और पौत्र आर्यन भी गंभीर घायल है। पवन मजदूरी करता है।
करीब 12 साल पहले पत्नी सुनीता की मौत होने पर उसने बड़े बेटे कमल की शादी हाथी करौदा निवासी अंजलि के साथ की थी। अंजलि ने ससुराल आते ही घर को संभाल लिया था। कमल ट्रैक्टर चलाने का काम करता है, जबकि उसका छोटे भाई राहुल की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। लक्ष्य की तबीयत कुछ दिनों से खराब चल रही थी। उसे डॉक्टर को दिखाने के लिए कमल पत्नी अंजलि को लेकर शहर आ रहा था। वह आर्यन और वाशु को घर पर ही छोड़ कर आना चाहता था, मगर अंजलि ने कहा कि बच्चे साथ ही चलेगे।
दोपहर को डॉक्टर के यहां लक्ष्य को दिखाया। इसके बाद वे बाइक से गांव लौट रहे थे, मगर उन्हें मालूम नहीं था कि रास्ते में मौत अपना जाल बिछाए है। जैसे ही वहलना चौक पर पहुंचे तो तभी बाइक फिसल गई। कमल और आर्यन बाए ओर गिरे, जबकि अंजलि मासूम लक्ष्य और वासु दायी ओर सड़क पर गिरे।
इसी दौरान बराबर से गुजर रहे ट्रक की चपेट में तीनों आ गए और पहिये के नीचे कुचले जाने से तीनों की मौत हो गई। हादसे की खबर परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया। पवन और अन्य परिजन शहर की ओर दौड़ पड़े। घर पर ग्रामीणों का तांता लग गया। पूरे गांव में शोक व्याप्त हो गया।