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Muzaffarnagar News: आंखों की सेहत बिगाड़ रहा मोबाइल, 732 बच्चों में दृष्टि दोष
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मुजफ्फरनगर। बच्चों को आंखों की बीमारी घेरे रही है। लगातार मोबाइल के प्रयोग से आंखों की रोशनी के साथ सुंदरता पर भी असर पड़ रहा है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कराई गई जांच के दौरान 18 वर्ष से कम आयु वाले 732 बच्चों में दृष्टि दोष पाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने सभी बच्चों की स्वास्थ्य जांच कराकर उनका उपचार शुरू कराया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जनपद के 1088 विद्यालयों के 1090 बच्चों की आंखों की जांच कराई गई। जांच में 317 बच्चों की आंखों में दृष्टि दोष पाया गया। इनमें 188 बालक और 129 बालिकाएं शामिल हैं। सभी बच्चों की आंखों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उनको नजर के चश्मे वितरित किए गए।
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी कराई गई जांच
आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों की भी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत लक्षणों के आधार पर जांच कराई गई। एक हजार से से अधिक केंद्रों पर करीब पांच हजार बच्चों की आंखों की जांच हुई। इस दौरान छह सप्ताह से तीन वर्ष तक आयु के 143 बच्चों की आंखों में परेशानी पाई गई। तीन से छह वर्ष तक के 272 बच्चों की आंखों में दृष्टि दोष मिला।
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पौष्टिक आहार और विटामिन ए की कमी बन रही कारण
आरबीएसके प्रभारी और एसीएमओ डाॅ. अशोक कुमार के मुताबिक बच्चों में दृष्टि दोष सामने आने के अनेक कारण हैं। उन्होंने बताया कि इनमें बचपन से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी और बच्चों में पौष्टिक आहार का सेवन न करना भी शामिल है। मोबाइल और टीवी देखना भी एक कारण है। उन्होंने बताया कि विटामिन ए की समय से डोज नहीं मिलने से भी दृष्टि दोष होता है। तेज वायरल बुखार होने और पारा 102 से ऊपर जाने से भी बच्चों को आंखों में धुंधलापन महसूस होता है। इससे बच्चों की आंखों की रोशनी जाती है।
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी कराई गई जांच
आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों की भी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत लक्षणों के आधार पर जांच कराई गई। एक हजार से से अधिक केंद्रों पर करीब पांच हजार बच्चों की आंखों की जांच हुई। इस दौरान छह सप्ताह से तीन वर्ष तक आयु के 143 बच्चों की आंखों में परेशानी पाई गई। तीन से छह वर्ष तक के 272 बच्चों की आंखों में दृष्टि दोष मिला।
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पौष्टिक आहार और विटामिन ए की कमी बन रही कारण
आरबीएसके प्रभारी और एसीएमओ डाॅ. अशोक कुमार के मुताबिक बच्चों में दृष्टि दोष सामने आने के अनेक कारण हैं। उन्होंने बताया कि इनमें बचपन से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी और बच्चों में पौष्टिक आहार का सेवन न करना भी शामिल है। मोबाइल और टीवी देखना भी एक कारण है। उन्होंने बताया कि विटामिन ए की समय से डोज नहीं मिलने से भी दृष्टि दोष होता है। तेज वायरल बुखार होने और पारा 102 से ऊपर जाने से भी बच्चों को आंखों में धुंधलापन महसूस होता है। इससे बच्चों की आंखों की रोशनी जाती है।
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