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मीरापुर उपचुनाव : 22 साल में बसपा का सबसे खराब प्रदर्शन, आसपा ने हारकर भी मार लिया मैदान
Sun, 24 Nov 2024 12:06 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Sun, 24 Nov 2024 12:06 AM IST
सार
सांसद चंद्रशेखर ने आक्रामक तरीके से चुनाव लड़ा और दलित, मुस्लिम, गुर्जर समाज को एकजुट करने का प्रयास किया। नतीजा यह हुआ कि प्रत्याशी जाहिद हुसैन को 22661 वोट मिले। जबकि बसपा प्रत्याशी शाहनजर को केवल 3248 वोट हासिल हुए।
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मतगणना के बाद मायूस लौटे बसपा प्रत्याशी शाहनजर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पहली बार उपचुनाव के मैदान में उतरी बसपा का जनाधार खिसकता नजर आया। सिर्फ छह महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में मीरापुर विधानसभा में बसपा प्रत्याशी बिजेंद्र सिंह को 55514 वोट मिले थे। उपचुनाव में शाह नजर ने सिर्फ 3248 वोट हासिल किए। जाहिर है कि बसपा के हिस्से में इस बार 52266 वोट कम आए हैं। अनुसूचित जाति के मतों का रुझान बड़ी संख्या में आजाद समाज पार्टी कांशीराम की तरफ दिखाई दिया। पिछले 22 साल में बसपा का विधानसभा चुनाव में यह सबसे खराब प्रदर्शन है।
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आसपा प्रत्याशी जाहिद हुसैन।
- फोटो : अमर उजाला
बसपा के चुनाव लड़ने के तौर-तरीकों से बेस वोटरों के बीच बिखराव हो गया। आसपा अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर ने आक्रामक तरीके से चुनाव लड़ा और दलित, मुस्लिम और गुर्जर समाज को एकजुट करने का प्रयास किया। नतीजा यह हुआ कि प्रत्याशी जाहिद हुसैन को 22661 वोट मिले। इनमें बड़ी संख्या दलित मतदाताओं की मानी जा रही है। नतीजों में स्थान भले ही तीसरा रहा हो, लेकिन 2027 में आसपा की सियासत मजबूत होगी और बसपा के लिए खतरे की घंटी बज गई है। बसपा का वोट बैंक आसपा के खाते में ट्रांसफर होता नजर आया है। उपचुनाव लड़ने की घोषणा के बाद शीर्ष नेतृत्व खुद चुनाव के मैदान में नहीं उतरा, जिससे मतदाताओं में बिखराव हो गया।
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जब कांधला में इस्लाम को मिले थे 7767 वोट
वर्ष 2002 में कांधला सीट पर बसपा प्रत्याशी इस्लाम को 7767 वोट मिले थे। तब कांधला सीट मुजफ्फरनगर जिले का ही हिस्सा थी।
दो साल में इस तरह बढ़ गई आसपा
आजाद समाज पार्टी कांशीराम को पिछले दो साल में मजबूती मिली है। विधानसभा चुनाव 2022 में मीरापुर सीट पर आसपा प्रत्याशी उमेश को सिर्फ 1628 वोट मिले थे। इसके बाद लोकसभा चुनाव में नगीना से पार्टी अध्यक्ष चंद्रशेखर सांसद बन गए तो कार्यकर्ताओं को नई उर्जा मिली। उपचुनाव में आसपा प्रत्याशी को 22661 वोट हासिल हुए।
वर्ष 2002 में कांधला सीट पर बसपा प्रत्याशी इस्लाम को 7767 वोट मिले थे। तब कांधला सीट मुजफ्फरनगर जिले का ही हिस्सा थी।
दो साल में इस तरह बढ़ गई आसपा
आजाद समाज पार्टी कांशीराम को पिछले दो साल में मजबूती मिली है। विधानसभा चुनाव 2022 में मीरापुर सीट पर आसपा प्रत्याशी उमेश को सिर्फ 1628 वोट मिले थे। इसके बाद लोकसभा चुनाव में नगीना से पार्टी अध्यक्ष चंद्रशेखर सांसद बन गए तो कार्यकर्ताओं को नई उर्जा मिली। उपचुनाव में आसपा प्रत्याशी को 22661 वोट हासिल हुए।
मीरापुर के मैदान में अब तक बसपा का प्रदर्शन
चुनाव प्रत्याशी वोट नतीजा
2012 मौलाना जमील 56802 जीते
2017 नवाजिश आलम 39689 तीसरा स्थान
2022 मौलाना सालिम 23797 तीसरा स्थान
2024 शाह नजर 3248 पांचवां स्थान
चुनाव प्रत्याशी वोट नतीजा
2012 मौलाना जमील 56802 जीते
2017 नवाजिश आलम 39689 तीसरा स्थान
2022 मौलाना सालिम 23797 तीसरा स्थान
2024 शाह नजर 3248 पांचवां स्थान
सात महीने पहले खाते में थे 55 हजार वोट
करीब सात माह पहले हुए लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी को 55514 वोट मिले थे। बिजनौर लोकसभा सीट में मीरापुर विधानसभा आती है। बसपा ने बिजेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया था। तब बसपा प्रत्याशी को 55514 वोट मिले थे।
करीब सात माह पहले हुए लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी को 55514 वोट मिले थे। बिजनौर लोकसभा सीट में मीरापुर विधानसभा आती है। बसपा ने बिजेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया था। तब बसपा प्रत्याशी को 55514 वोट मिले थे।
जातीय समीकरण नहीं साध पाई बसपा
मीरापुर सीट पर बसपा ने हर चुनाव में मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट दिया है। दलित-मुस्लिम समीकरण भी बनता नजर आया। लोकसभा चुनाव में यहां बसपा ने जाट, दलित और मुस्लिम समीकरण के सहारे 55514 वोट हासिल किए थे। उपचुनाव में बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी पर ही भरोसा जताया, लेकिन इस बार करारी हार मिली। पार्टी का बेस वोट बैंक खिसक गया।
मीरापुर सीट पर बसपा ने हर चुनाव में मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट दिया है। दलित-मुस्लिम समीकरण भी बनता नजर आया। लोकसभा चुनाव में यहां बसपा ने जाट, दलित और मुस्लिम समीकरण के सहारे 55514 वोट हासिल किए थे। उपचुनाव में बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी पर ही भरोसा जताया, लेकिन इस बार करारी हार मिली। पार्टी का बेस वोट बैंक खिसक गया।