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रतनपुरी क्षेत्र में जनता कर्फ्यू का व्यापक असर रहा
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रतनपुरी में जनता कर्फ्यू को लेकर सूनसान पड़ी सड़क।
- फोटो : KHATAULI
रतनपुरी क्षेत्र में जनता कर्फ्यू का व्यापक असर
रतनपुरी। क्षेत्र में कोरोना वायरस से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर जनता कर्फ्यू का व्यापक असर देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें और हाईवे भी सुनसान रहे। सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों ही सड़क पर नजर आए।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसें एवं प्राइवेट वाहनों पर लगाई गई रोक के कारण प्रत्येक गांव के बस स्टैंड पर खामोशी पसरी नजर आई। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले किसानों ने भी जनता कर्फ्यू में पूर्ण सहयोग प्रदान किया। जनता कर्फ्यू के दौरान सुबह सात बजे से किसानों ने खेत में जाना भी उचित नहीं समझा। किसान पशुओं के लिए चारा भी सुबह सात बजे से पहले ही लेकर घर को लौट आए थे। रतनपुरी स्थित त्रिवेणी शुगर मिल के गन्ना तौल केंद्र पर सुबह दो किसान अपनी पर्ची तुलवाने के लिए पहुंचे। उसी समय रतनपुरी इंस्पेक्टर एमपी सिंह ने तौल केंद्र लिपिक और किसानों को समझा-बुझाकर उनके घरों को वापस भेजा और जनता कर्फ्यू का पूर्णता पालन करने की अपील की। इसके अलावा रतनपुरी क्षेत्र के गांव मंडावली बांगर, कल्याणपुर, इंचौडा, कितास, मंडावली खादर, सिकंदरपुर, बड़सू, रामपुर, सठेड़ी, कैलाशनगर, समौली, घनश्यामपुरा आदि गांवों में भी जनता कर्फ्यू का प्रभावी असर रहा। इससे पहले, क्षेत्र के गांवों में ग्राम प्रधानों ने मंदिरों और मस्जिदों पर लगे माइकों के माध्यम से उद्घोषणा कराकर ग्रामवासियों को जनता कर्फ्यू में पूर्ण सहयोग करने की अपील की थी। ग्रामीणों ने घर पर रहकर टीवी पर अपने पसंदीदा कार्यक्रम का आनंद लिया। इसके अलावा बच्चों ने अपने अपने घरों में ही क्रिकेट और लूडो खेल खेलकर समय व्यतीत किया। इससे पूर्व, इंस्पेक्टर एमपी सिंह ने शनिवार को रतनपुरी स्थित निजानंद आश्रम में दर्शन हेतु गुजरात से आए हुए 24 महिला व पुरुषों के जत्थे को तुरंत आश्रम से वापस भिजवा दिया था।
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रतनपुरी। क्षेत्र में कोरोना वायरस से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर जनता कर्फ्यू का व्यापक असर देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें और हाईवे भी सुनसान रहे। सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों ही सड़क पर नजर आए।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसें एवं प्राइवेट वाहनों पर लगाई गई रोक के कारण प्रत्येक गांव के बस स्टैंड पर खामोशी पसरी नजर आई। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले किसानों ने भी जनता कर्फ्यू में पूर्ण सहयोग प्रदान किया। जनता कर्फ्यू के दौरान सुबह सात बजे से किसानों ने खेत में जाना भी उचित नहीं समझा। किसान पशुओं के लिए चारा भी सुबह सात बजे से पहले ही लेकर घर को लौट आए थे। रतनपुरी स्थित त्रिवेणी शुगर मिल के गन्ना तौल केंद्र पर सुबह दो किसान अपनी पर्ची तुलवाने के लिए पहुंचे। उसी समय रतनपुरी इंस्पेक्टर एमपी सिंह ने तौल केंद्र लिपिक और किसानों को समझा-बुझाकर उनके घरों को वापस भेजा और जनता कर्फ्यू का पूर्णता पालन करने की अपील की। इसके अलावा रतनपुरी क्षेत्र के गांव मंडावली बांगर, कल्याणपुर, इंचौडा, कितास, मंडावली खादर, सिकंदरपुर, बड़सू, रामपुर, सठेड़ी, कैलाशनगर, समौली, घनश्यामपुरा आदि गांवों में भी जनता कर्फ्यू का प्रभावी असर रहा। इससे पहले, क्षेत्र के गांवों में ग्राम प्रधानों ने मंदिरों और मस्जिदों पर लगे माइकों के माध्यम से उद्घोषणा कराकर ग्रामवासियों को जनता कर्फ्यू में पूर्ण सहयोग करने की अपील की थी। ग्रामीणों ने घर पर रहकर टीवी पर अपने पसंदीदा कार्यक्रम का आनंद लिया। इसके अलावा बच्चों ने अपने अपने घरों में ही क्रिकेट और लूडो खेल खेलकर समय व्यतीत किया। इससे पूर्व, इंस्पेक्टर एमपी सिंह ने शनिवार को रतनपुरी स्थित निजानंद आश्रम में दर्शन हेतु गुजरात से आए हुए 24 महिला व पुरुषों के जत्थे को तुरंत आश्रम से वापस भिजवा दिया था।

जानसठ के गांव चितौड़ा में सूनसान पड़ी सड़क।- फोटो : KHATAULI
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