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Muzaffarnagar News: स्मारक की चहारदीवारी के लिए चक्कर काट रही शहीद की पत्नी
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लेखपाल सहित गांव के प्रधान पर सरकारी सुविधाओं से वंचित रखने का आरोप लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। कारगिल युद्ध में शहीद हुए फुलत निवासी सतीश की पत्नी ने स्मारक की चहारदीवारी कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही है। पीड़िता ने लेखपाल सहित गांव के प्रधान पर शहीद की पत्नी को दी जाने वाली सरकारी सुविधाओं से वंचित रखने का आरोप लगाया है।
फुलत निवासी शहीद सतीश की पत्नी विमलेश ने एसडीएम सुबोध कुमार को बताया कि गांव के रास्ते पर शहीद स्मारक बनाया गया था। शहीद के नाम से स्कूल भी बनवाया गया था। इसके लिए सरकार से दो कमरे बनाए गए थे, जिन्हें अभी तक उसे नहीं दिया गया। आरोप है कि शहीद के स्मारक की चहारदीवारी करने पर गांव के कुछ लोग परेशान कर रहे है। कमरों में भी पंचायतघर खोल दिया गया है। कक्षा एक से पांचवीं तक का स्कूल भी बंद कर दिया गया है।
उसने लेखपाल और गांव के प्रधान पर आरोप लगाया कि दोनों मिलकर जो भी प्रार्थना पत्र जांच के लिए आता है, उस पर झूठी रिपोर्ट लगाते है। इतना ही नहीं उसके जाली हस्ताक्षर भी कर रहे है। पीड़िता ने एसडीएम से मामले की जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की। एसडीएम सुबोध कुमार ने स्वयं मौके पर पहुंचकर जांच करने का आश्वासन दिया।
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खतौली। कारगिल युद्ध में शहीद हुए फुलत निवासी सतीश की पत्नी ने स्मारक की चहारदीवारी कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही है। पीड़िता ने लेखपाल सहित गांव के प्रधान पर शहीद की पत्नी को दी जाने वाली सरकारी सुविधाओं से वंचित रखने का आरोप लगाया है।
फुलत निवासी शहीद सतीश की पत्नी विमलेश ने एसडीएम सुबोध कुमार को बताया कि गांव के रास्ते पर शहीद स्मारक बनाया गया था। शहीद के नाम से स्कूल भी बनवाया गया था। इसके लिए सरकार से दो कमरे बनाए गए थे, जिन्हें अभी तक उसे नहीं दिया गया। आरोप है कि शहीद के स्मारक की चहारदीवारी करने पर गांव के कुछ लोग परेशान कर रहे है। कमरों में भी पंचायतघर खोल दिया गया है। कक्षा एक से पांचवीं तक का स्कूल भी बंद कर दिया गया है।
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उसने लेखपाल और गांव के प्रधान पर आरोप लगाया कि दोनों मिलकर जो भी प्रार्थना पत्र जांच के लिए आता है, उस पर झूठी रिपोर्ट लगाते है। इतना ही नहीं उसके जाली हस्ताक्षर भी कर रहे है। पीड़िता ने एसडीएम से मामले की जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की। एसडीएम सुबोध कुमार ने स्वयं मौके पर पहुंचकर जांच करने का आश्वासन दिया।
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