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एकादशी के उद्यापन पर घरों में उत्सव जैसा नजारा
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शहर के सुभाषनगर में देवोत्थान एकादशी पर पूजन करते श्रद्घालु।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
शालिग्राम-तुलसी की शादी में महिलाओं ने गाए मंगल गीत
मुजफ्फरनगर। देवोत्थान एकादशी का पर्व परंपरागत ढंग से मनाया। त्योहार पर घर आंगन में उत्सव सा नजारा रहा। महिलाओं ने मंगलगीत गाए और तुलसी का विवाह शालिग्राम से किया। शहर के अलावा कस्बे एवं देहात में देवोत्थान एकादशी का त्योहार उत्साहपूर्वक मनाया गया। व्रत रखने वाली महिलाओं ने उद्यापन के लिए धार्मिक अनुष्ठान कराए और मंगल गीत गाए। बुधवार को घरों में चहल पहल रही।
हिंदू धर्म में देवोत्थान एकादशी को सोए हुए देवता उठने की परंपरा है। इस एकादशी का महात्म्य अनूठा माना गया है। देहात में यह पर्व परंपरागत ढंग से मनाया गया। गेरु और खड़िया से देव बनाकर सिंघाडे़ और शकरकंद से पूजन किया गया। एक साथ 26 एकादशी व्रतधारी महिलाएं उद्यापन करने से पहले घरों में तुलसी की शादी शालिग्राम से कराती हैं। 20 वर्ष से एकादशी का व्रत रखने वाली सुभाष नगर निवासी महिला भगवती शर्मा ने उद्यापन किया। 27 पंडितों को घर बुलाकर संकल्प कराया। पुरोहितों ने 26 एकादशी का महात्मय एक साथ पढ़ा। पंडित हरिओम शास्त्री ने बताया कि तुलसी-शालिग्राम का महात्मय सौ अश्वमेघ के बराबर अथवा एक हजार गो-दान के बराबर माना गया है।
एकादशी की महत्ता निराली
चरथावल। चरथावल में महाब्रह्मणान निवासी गृहिणी अंजना गर्ग, मिथलेश और बबीता आदि ने बताया कि धार्मिक शास्त्रों में देवोत्थान एकादशी की महत्ता निराली है। इस दिन तुलसी का विवाह शालिग्राम के साथ हुआ था। सांझ ढलने पर घर-आंगन में विष्णु भगवान को उठाया जाता है। उनका पूजन चावलों की ढेरी, शकरकंद, सिंघाड़े और रूई से पूजन किया जाता है। सुबह उठकर तुलसी की पूजा की गई। इनके अलावा कस्बा शाहपुर, बुढ़ाना, मीरापुर, आदि में भी देवोत्थान एकादशी को त्योहार धूमधाम से मनाया गया। घरों में बृहस्पतिवार को भी शालिग्राम-तुलसी विवाह की रस्म कराई जाएगी।
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भजन-कीर्तन किया गया
पुरकाजी। बीजेपी नेता मणिकांत गोयल के आवास पर तुलसी विवाह का धार्मिक कार्यक्रम हुआ। उमा गोयल द्वारा कीर्तन भवन प्रांगण से शालिग्राम भगवान को श्रद्धापूर्वक आवास पर लाया गया, जहां पर जयमाला व फेरे आदि विवाह की रस्में अदा की गई और भजन कीर्तन किया गया। बृहस्पतिवार को तुलसी की बिदाई की जाएगी। चांदनी गोयल, सुजातॎ गोयल, अनिता गोयल, सरोज गोयल, अनुराधा गर्ग, नीलम कर्णवाल आदि महिलाएं मौजूद रही।
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मुजफ्फरनगर। देवोत्थान एकादशी का पर्व परंपरागत ढंग से मनाया। त्योहार पर घर आंगन में उत्सव सा नजारा रहा। महिलाओं ने मंगलगीत गाए और तुलसी का विवाह शालिग्राम से किया। शहर के अलावा कस्बे एवं देहात में देवोत्थान एकादशी का त्योहार उत्साहपूर्वक मनाया गया। व्रत रखने वाली महिलाओं ने उद्यापन के लिए धार्मिक अनुष्ठान कराए और मंगल गीत गाए। बुधवार को घरों में चहल पहल रही।
हिंदू धर्म में देवोत्थान एकादशी को सोए हुए देवता उठने की परंपरा है। इस एकादशी का महात्म्य अनूठा माना गया है। देहात में यह पर्व परंपरागत ढंग से मनाया गया। गेरु और खड़िया से देव बनाकर सिंघाडे़ और शकरकंद से पूजन किया गया। एक साथ 26 एकादशी व्रतधारी महिलाएं उद्यापन करने से पहले घरों में तुलसी की शादी शालिग्राम से कराती हैं। 20 वर्ष से एकादशी का व्रत रखने वाली सुभाष नगर निवासी महिला भगवती शर्मा ने उद्यापन किया। 27 पंडितों को घर बुलाकर संकल्प कराया। पुरोहितों ने 26 एकादशी का महात्मय एक साथ पढ़ा। पंडित हरिओम शास्त्री ने बताया कि तुलसी-शालिग्राम का महात्मय सौ अश्वमेघ के बराबर अथवा एक हजार गो-दान के बराबर माना गया है।
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एकादशी की महत्ता निराली
चरथावल। चरथावल में महाब्रह्मणान निवासी गृहिणी अंजना गर्ग, मिथलेश और बबीता आदि ने बताया कि धार्मिक शास्त्रों में देवोत्थान एकादशी की महत्ता निराली है। इस दिन तुलसी का विवाह शालिग्राम के साथ हुआ था। सांझ ढलने पर घर-आंगन में विष्णु भगवान को उठाया जाता है। उनका पूजन चावलों की ढेरी, शकरकंद, सिंघाड़े और रूई से पूजन किया जाता है। सुबह उठकर तुलसी की पूजा की गई। इनके अलावा कस्बा शाहपुर, बुढ़ाना, मीरापुर, आदि में भी देवोत्थान एकादशी को त्योहार धूमधाम से मनाया गया। घरों में बृहस्पतिवार को भी शालिग्राम-तुलसी विवाह की रस्म कराई जाएगी।
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भजन-कीर्तन किया गया
पुरकाजी। बीजेपी नेता मणिकांत गोयल के आवास पर तुलसी विवाह का धार्मिक कार्यक्रम हुआ। उमा गोयल द्वारा कीर्तन भवन प्रांगण से शालिग्राम भगवान को श्रद्धापूर्वक आवास पर लाया गया, जहां पर जयमाला व फेरे आदि विवाह की रस्में अदा की गई और भजन कीर्तन किया गया। बृहस्पतिवार को तुलसी की बिदाई की जाएगी। चांदनी गोयल, सुजातॎ गोयल, अनिता गोयल, सरोज गोयल, अनुराधा गर्ग, नीलम कर्णवाल आदि महिलाएं मौजूद रही।

पुरकाजी में तुलसी विवाह कार्यक्रम में मौजूद महिलाऐं- फोटो : MUZAFFARNAGAR