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सावला में वृद्धाश्रम बनाना चाहते थे महाशय धर्मपाल
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नावला में वृद्धाश्रम बनाना चाहते थे महाशय धर्मपाल
मुजफ्फरनगर। पद्मभूषण से अलंकृत एमडीएच के संस्थापक महाशय धर्मपाल मंसूरपुर क्षेत्र के नावला में वृद्धाश्रम और अनाथालय खोलना चाहते थे। वह वीतराग स्वामी कल्याणदेव के नि:स्वार्थ सेवा कार्यों से बेहद प्रभावित थे और कई बार जिले में पधारे।
शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याणदेव के त्याग और सेवा से प्रेरित होकर वर्ष 1993-94 में एमडीएच के संस्थापक महाशय धर्मपाल गुलाटी वीतराग संत से भेंट के लिए शहर के गांधी पालीटेक्निक तथा शुकतीर्थ में कई बार आए। भागवत पीठ श्रीशुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद बताते हैं कि मंसूरपुर क्षेत्र में नावला के सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर गुरुदेव की उपस्थिति में उन्होंने क्षेत्रीय ग्रामीणों की मीटिंग रखी थी। वे यहां वृद्धाश्रम, अनाथालय, चिकित्सालय और गौशाला स्थापित करना चाहते थे। मसाला किंग के जनसेवा कार्यों में सहयोगी स्वामी भरतदेव बताते हैं कि उन्होंने नावला संस्था को चार गाय दान दी थी। किन्हीं कारणों से उनका ये संकल्प अधूरा रह गया था।
महाशय धर्मपाल को श्रद्धांजलि अर्पित
मुजफ्फरनगर। महाशय धर्मपाल गुलाटी के निधन पर आर्य समाज की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। गांधी कॉलोनी में यज्ञ के उपरांत उनकी स्मृति को नमन किया गया। आचार्य गुरुदत्त आर्य, आनंदपाल सिंह आर्य, आरपी शर्मा, मंगत सिंह आर्य, गजेंद्र राणा, इंद्रपाल सिंह आर्य आदि ने उनकी सेवाओं और देशभक्ति को बेमिसाल बताया।
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मुजफ्फरनगर। पद्मभूषण से अलंकृत एमडीएच के संस्थापक महाशय धर्मपाल मंसूरपुर क्षेत्र के नावला में वृद्धाश्रम और अनाथालय खोलना चाहते थे। वह वीतराग स्वामी कल्याणदेव के नि:स्वार्थ सेवा कार्यों से बेहद प्रभावित थे और कई बार जिले में पधारे।
शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याणदेव के त्याग और सेवा से प्रेरित होकर वर्ष 1993-94 में एमडीएच के संस्थापक महाशय धर्मपाल गुलाटी वीतराग संत से भेंट के लिए शहर के गांधी पालीटेक्निक तथा शुकतीर्थ में कई बार आए। भागवत पीठ श्रीशुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद बताते हैं कि मंसूरपुर क्षेत्र में नावला के सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर गुरुदेव की उपस्थिति में उन्होंने क्षेत्रीय ग्रामीणों की मीटिंग रखी थी। वे यहां वृद्धाश्रम, अनाथालय, चिकित्सालय और गौशाला स्थापित करना चाहते थे। मसाला किंग के जनसेवा कार्यों में सहयोगी स्वामी भरतदेव बताते हैं कि उन्होंने नावला संस्था को चार गाय दान दी थी। किन्हीं कारणों से उनका ये संकल्प अधूरा रह गया था।
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महाशय धर्मपाल को श्रद्धांजलि अर्पित
मुजफ्फरनगर। महाशय धर्मपाल गुलाटी के निधन पर आर्य समाज की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। गांधी कॉलोनी में यज्ञ के उपरांत उनकी स्मृति को नमन किया गया। आचार्य गुरुदत्त आर्य, आनंदपाल सिंह आर्य, आरपी शर्मा, मंगत सिंह आर्य, गजेंद्र राणा, इंद्रपाल सिंह आर्य आदि ने उनकी सेवाओं और देशभक्ति को बेमिसाल बताया।
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