{"_id":"5f021b9b8ebc3e42de778f10","slug":"little-weavers-workmanship-is-wooing-people-muzaffarnagar-news-mrt489813373","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोगों को रिझा रही ‘नन्हें बुनकर’ की कारीगरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोगों को रिझा रही ‘नन्हें बुनकर’ की कारीगरी
विज्ञापन
मेरठ रोड पर गुप्ता रिसॉर्ट में खजूर के पेड़ पर लटके बया के घोसले।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोगों को रिझा रही ‘नन्हें बुनकर’ की कारीगरी
मुजफ्फरनगर। कमाल की कारीगरी के लिए मशहूर बया पक्षियों की कड़ी मेहनत से तैयार घोंसले आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इस बार लॉकडाउन में इन पक्षियों की चहचाहट शहर के नजदीक तक आ गई। मेरठ और जानसठ रोड पर कई स्थानों पर पेड़ों पर लटके इन घोंसलों को आसानी से देखा जा सकता है।
बया बेहद सुंदर घोंसला बनाते हैं। नर पक्षी पत्तियों के रेशों को चीरकर उससे आकर्षक घोंसला तैयार करता है। बया को बारिश का पूर्वानुमान होता है। इसलिए बारिश से पहले वह अपने घोंसले तैयार कर लेते हैं। इस बार लॉकडाउन के दौरान प्रकृति को बड़ा लाभ हुआ है। शहर के नजदीक तक पक्षियों की उपस्थिति देखी जा रही है। मेरठ रोड पर गुप्ता रिसोर्ट पर खजूर के पेड़ पर लटके बया के घोंसले सबको आकर्षित करते हैं। गुप्ता रिसोर्ट के गोपाल गुप्ता बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान रिसोर्ट बंद रहा। कुछ दिन पहले ही इसे खोला गया तो परिसर में खड़े खजूर के पेड़ पर दर्जनों घोंसले तैयार मिले जबकि कुछ पक्षी अभी भी घोंसला बनाने में जुटे हैं। जानसठ रोड पर ग्राम सिखेड़ा के पास भी कई पेड़ों पर लटके बया के घोंसले लोगों को रिझा रहे हैं। डीएफओ सूरज बताते हैं कि बया पक्षी बेहद आकर्षक और मजबूत घोंसला तैयार करता है। यह आंधी और बारिश में भी नहीं गिरता।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। कमाल की कारीगरी के लिए मशहूर बया पक्षियों की कड़ी मेहनत से तैयार घोंसले आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इस बार लॉकडाउन में इन पक्षियों की चहचाहट शहर के नजदीक तक आ गई। मेरठ और जानसठ रोड पर कई स्थानों पर पेड़ों पर लटके इन घोंसलों को आसानी से देखा जा सकता है।
बया बेहद सुंदर घोंसला बनाते हैं। नर पक्षी पत्तियों के रेशों को चीरकर उससे आकर्षक घोंसला तैयार करता है। बया को बारिश का पूर्वानुमान होता है। इसलिए बारिश से पहले वह अपने घोंसले तैयार कर लेते हैं। इस बार लॉकडाउन के दौरान प्रकृति को बड़ा लाभ हुआ है। शहर के नजदीक तक पक्षियों की उपस्थिति देखी जा रही है। मेरठ रोड पर गुप्ता रिसोर्ट पर खजूर के पेड़ पर लटके बया के घोंसले सबको आकर्षित करते हैं। गुप्ता रिसोर्ट के गोपाल गुप्ता बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान रिसोर्ट बंद रहा। कुछ दिन पहले ही इसे खोला गया तो परिसर में खड़े खजूर के पेड़ पर दर्जनों घोंसले तैयार मिले जबकि कुछ पक्षी अभी भी घोंसला बनाने में जुटे हैं। जानसठ रोड पर ग्राम सिखेड़ा के पास भी कई पेड़ों पर लटके बया के घोंसले लोगों को रिझा रहे हैं। डीएफओ सूरज बताते हैं कि बया पक्षी बेहद आकर्षक और मजबूत घोंसला तैयार करता है। यह आंधी और बारिश में भी नहीं गिरता।
विज्ञापन