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खतौली में लिंटर गिरा, मलबे में दबकर श्रमिक की मौत
Fri, 07 Jun 2019 12:10 AM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Fri, 07 Jun 2019 12:10 AM IST
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लिंटर के मलबे की जांच करने पहुंची पुुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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खतौली में दुकानों के लिंटर के मलबे के नीचे दबकर श्रमिक की मौत हो गई। गनीमत है दो श्रमिक भाई बच गए। श्रमिक की मौत होने से परिवार में कोहराम मच गया। मलबे में दबने से मजदूर नरेश की मौत की सूचना पर सीओ आशीष प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंचे। सीओ ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया और पुलिस से हादसे के बारे में पूछताछ की। ग्रामीणों ने सरकार से आर्थिक मदद दिलाए जाने की मांग को लेकर थाने में इंस्पेक्टर हरसरन शर्मा से बातचीत की।
जानसठ के गांव मकसूदाबाद निवासी अनिल पुत्र रोहताश ने जीटी रोड पर रोडवेज बस अड्डे के पास सतेंद्र जैन से दो मंजिला मकान और दुकान खरीदा था। अनिल इस मकान को तुड़वा रहा है। मकान व दुकान तुड़वाने के लिए अनिल ने गांव पीपलहेड़ा निवासी नरेश (45) पुत्र कश्मीरा व गांव दाहौड़ निवासी दो सगे भाइयों देवेंद्र व ओमपाल पुत्र मदन को 28 हजार रुपये में ठेका दिया था। पिछले दस दिनों से तीनों मजदूर मकान व दुकानों को तोड़ने में लगे थे। बृहस्पतिवार को मजदूर नरेश दुकानों का जीना तोड़ रहा था।
अचानक जीने के लिंटर का मलबा टूटकर नरेश के ऊपर जा गिरा। इससे मलबे के नीचे दबने से नरेश की मौत हो गई। जबकि साथी मजदूर दोनों भाई मजदूर दुकानों का लिंटर तोड़ने के लिए अलग हटकर काम कर रहे थे, जिससे दोनों भाई बच गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने मजदूरों व अन्य लोगों की मदद से बमुश्किल मलबा हटवाकर नरेश के शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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श्रमिक की मौत की खबर सुनकर परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। ग्रामीण एकत्र होकर थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने इंस्पेक्टर हरसरन शर्मा से मृतक के पीड़ित परिजनों को सरकार से आर्थिक मदद दिलवाए जाने की मांग की। इंस्पेक्टर ने तहसील से लेखपाल को थाने में बुलवाया। लेखपाल ने सरकार से आर्थिक मदद के लिए पीड़ित परिजनों से पूछताछ करके कागजातों को तैयार किए।
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जानसठ के गांव मकसूदाबाद निवासी अनिल पुत्र रोहताश ने जीटी रोड पर रोडवेज बस अड्डे के पास सतेंद्र जैन से दो मंजिला मकान और दुकान खरीदा था। अनिल इस मकान को तुड़वा रहा है। मकान व दुकान तुड़वाने के लिए अनिल ने गांव पीपलहेड़ा निवासी नरेश (45) पुत्र कश्मीरा व गांव दाहौड़ निवासी दो सगे भाइयों देवेंद्र व ओमपाल पुत्र मदन को 28 हजार रुपये में ठेका दिया था। पिछले दस दिनों से तीनों मजदूर मकान व दुकानों को तोड़ने में लगे थे। बृहस्पतिवार को मजदूर नरेश दुकानों का जीना तोड़ रहा था।
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अचानक जीने के लिंटर का मलबा टूटकर नरेश के ऊपर जा गिरा। इससे मलबे के नीचे दबने से नरेश की मौत हो गई। जबकि साथी मजदूर दोनों भाई मजदूर दुकानों का लिंटर तोड़ने के लिए अलग हटकर काम कर रहे थे, जिससे दोनों भाई बच गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने मजदूरों व अन्य लोगों की मदद से बमुश्किल मलबा हटवाकर नरेश के शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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श्रमिक की मौत की खबर सुनकर परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। ग्रामीण एकत्र होकर थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने इंस्पेक्टर हरसरन शर्मा से मृतक के पीड़ित परिजनों को सरकार से आर्थिक मदद दिलवाए जाने की मांग की। इंस्पेक्टर ने तहसील से लेखपाल को थाने में बुलवाया। लेखपाल ने सरकार से आर्थिक मदद के लिए पीड़ित परिजनों से पूछताछ करके कागजातों को तैयार किए।