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सिद्घ दोष बन्दियों के अधिकार विषय पर साक्षरता शिविर
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सिद्ध दोष बंदियों के अधिकार विषय पर साक्षरता शिविर
मुजफफरनगर। जिला कारागार में सिद्ध दोष बन्दियों के अधिकार विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तोगी ने उपस्थित समस्त बंदियों को भारतीय संविधान में प्राप्त मौलिक अधिकारों के संबंध मे विस्तार से बताया।
बंदियों को गिरफ्तारी के कारण जानने, उनके परिचितों को सूचित करने, वकील से परामर्श करने, कारागार में स्वास्थ्य, भोजन, बच्चों की नियमानुसार शिक्षा का अधिकार, पौष्टिक आहार, आदि का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया है। सचिव द्वारा कैदियों को यह भी बताया गया कि किसी कैदी की कोई भी कानूनी समस्या होने पर जेलर के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अवगत कराए। सिद्ध दोष बंदियों को जानकारी दी गई कि उन्हें निर्णय के विरुद्ध अपील योजित करने का अधिकार प्राप्त है, जो बंदी आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपनी अपील योजित नही कर सका हो तो वह जेलर के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अपना प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकता है। जेल अधीक्षक सीताराम, उप जेलर सुरेंद्र मोहन, उपजेलर मेधा राजपूत आदि शिविर में उपस्थित रहें।
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मुजफफरनगर। जिला कारागार में सिद्ध दोष बन्दियों के अधिकार विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तोगी ने उपस्थित समस्त बंदियों को भारतीय संविधान में प्राप्त मौलिक अधिकारों के संबंध मे विस्तार से बताया।
बंदियों को गिरफ्तारी के कारण जानने, उनके परिचितों को सूचित करने, वकील से परामर्श करने, कारागार में स्वास्थ्य, भोजन, बच्चों की नियमानुसार शिक्षा का अधिकार, पौष्टिक आहार, आदि का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया है। सचिव द्वारा कैदियों को यह भी बताया गया कि किसी कैदी की कोई भी कानूनी समस्या होने पर जेलर के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अवगत कराए। सिद्ध दोष बंदियों को जानकारी दी गई कि उन्हें निर्णय के विरुद्ध अपील योजित करने का अधिकार प्राप्त है, जो बंदी आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपनी अपील योजित नही कर सका हो तो वह जेलर के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अपना प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकता है। जेल अधीक्षक सीताराम, उप जेलर सुरेंद्र मोहन, उपजेलर मेधा राजपूत आदि शिविर में उपस्थित रहें।
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