{"_id":"5dbf1a988ebc3e01431c2cb9","slug":"life-saving-facilities-were-not-provided-to-the-employees-in-the-factory-muzaffarnagar-news-mrt4517470116","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व मंत्री की फैक्टरी में उड़ाई जा रहीं थीं नियमों की धज्जियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व मंत्री की फैक्टरी में उड़ाई जा रहीं थीं नियमों की धज्जियां
विज्ञापन
कर्मचारियों को फैक्टरी में नहीं दी जातीं थीं जीवन रक्षक सुविधाएं
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। गांव सलारपुर स्थित पूर्व मंडी चितरंजन स्वरूप की स्वरूप कास्टिंग में रविवार तड़के बॉयलर फटने की जानकारी मिलने पर अफसरों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाई गईं हैं। बेहद जोखिमपूर्ण कार्य होने के बावजूद कर्मचारियों को किसी भी तरह की जीवनरक्षक सुविधाएं नहीं दी जाती थीं।
गांव सलारपुर स्थित स्वरूप कास्टिंग में रविवार तड़के करीब तीन बजे बॉयलर में हुए धमाके से वहां काम कर रहे आठ मजदूरों की जान पर बन आई। इसके बावजूद फैक्टरी प्रबंधन ने घटना को पूरी तरह से छिपाए रखा, जिसकी जानकारी मिलने पर पुलिस के साथ ही लेबर सहायक आयुक्त प्रतिभा पाटिल व तहसीलदार अमित कुमार ने फैक्टरी पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। सहायक आयुक्त लेबर ने बताया कि जांच के दौरान फैक्टरी में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। जोखिमपूर्ण कार्य होने के बावजूद मजदूरों को किसी तरह की जीवन रक्षक सुविधाएं नहीं दी गईं थीं। मजदूरों को हेलमेट, जूते व दस्तानें तक नहीं दिए गए थे। यही नहीं, फैक्टरी प्रबंधन से जब वहां काम कर रहे मजदूरों के लेबर ड्यूटी कार्ड तलब किए तो फैक्टरी मालिक इस तरह के कोई पेपर या ड्यूटी कार्ड भी नहीं उपलब्ध करा सके। प्रतिभा पाटिल ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन को पूरे मामले में बेहद लापरवाही बरतने के चलते कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पुराने स्क्रैप से हुआ विस्फोट
जानसठ। लेबर सहायक आयुक्त प्रतिभा पाटिल ने फैक्टरी में घटनास्थल की जांच के बाद बताया कि फैक्टरी में पुराने स्क्रैप को गलाकर इंगट आदि बनाए जाते हैं। प्रथम दृष्टया जांच में भट्ठी में पुराने लोहे को गलाते समय उसमें किसी तरह का विस्फोटक सामान गिरने व उसके फटने से विस्फोट होने की बात सामने आई है। फैक्टरी प्रबंधन से कागजात तलब कर जांच की जा रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
भट्ठी के टर्नर में पंक्चर होने से हुआ विस्फोट
जानसठ। गांव सलारपुर स्थित स्वरूप कास्टिंग के डायरेक्टर नीरज कुमार का कहना है कि भट्ठी के टर्नर में पंक्चर होने से विस्फोट हुआ है। सभी मजदूरों को निजी चिकित्सालय में उपचार दिलाया जा रहा है। सभी मजदूर खतरे से बाहर हैं।
विज्ञापन
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। गांव सलारपुर स्थित पूर्व मंडी चितरंजन स्वरूप की स्वरूप कास्टिंग में रविवार तड़के बॉयलर फटने की जानकारी मिलने पर अफसरों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाई गईं हैं। बेहद जोखिमपूर्ण कार्य होने के बावजूद कर्मचारियों को किसी भी तरह की जीवनरक्षक सुविधाएं नहीं दी जाती थीं।
गांव सलारपुर स्थित स्वरूप कास्टिंग में रविवार तड़के करीब तीन बजे बॉयलर में हुए धमाके से वहां काम कर रहे आठ मजदूरों की जान पर बन आई। इसके बावजूद फैक्टरी प्रबंधन ने घटना को पूरी तरह से छिपाए रखा, जिसकी जानकारी मिलने पर पुलिस के साथ ही लेबर सहायक आयुक्त प्रतिभा पाटिल व तहसीलदार अमित कुमार ने फैक्टरी पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। सहायक आयुक्त लेबर ने बताया कि जांच के दौरान फैक्टरी में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। जोखिमपूर्ण कार्य होने के बावजूद मजदूरों को किसी तरह की जीवन रक्षक सुविधाएं नहीं दी गईं थीं। मजदूरों को हेलमेट, जूते व दस्तानें तक नहीं दिए गए थे। यही नहीं, फैक्टरी प्रबंधन से जब वहां काम कर रहे मजदूरों के लेबर ड्यूटी कार्ड तलब किए तो फैक्टरी मालिक इस तरह के कोई पेपर या ड्यूटी कार्ड भी नहीं उपलब्ध करा सके। प्रतिभा पाटिल ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन को पूरे मामले में बेहद लापरवाही बरतने के चलते कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
विज्ञापन
पुराने स्क्रैप से हुआ विस्फोट
जानसठ। लेबर सहायक आयुक्त प्रतिभा पाटिल ने फैक्टरी में घटनास्थल की जांच के बाद बताया कि फैक्टरी में पुराने स्क्रैप को गलाकर इंगट आदि बनाए जाते हैं। प्रथम दृष्टया जांच में भट्ठी में पुराने लोहे को गलाते समय उसमें किसी तरह का विस्फोटक सामान गिरने व उसके फटने से विस्फोट होने की बात सामने आई है। फैक्टरी प्रबंधन से कागजात तलब कर जांच की जा रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
भट्ठी के टर्नर में पंक्चर होने से हुआ विस्फोट
जानसठ। गांव सलारपुर स्थित स्वरूप कास्टिंग के डायरेक्टर नीरज कुमार का कहना है कि भट्ठी के टर्नर में पंक्चर होने से विस्फोट हुआ है। सभी मजदूरों को निजी चिकित्सालय में उपचार दिलाया जा रहा है। सभी मजदूर खतरे से बाहर हैं।