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रिया की मां को मिला जीवन रक्षक अवार्ड
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 12 Jun 2016 12:43 AM IST
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रिया की मां को एवार्ड देते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
अपने पिता की जान बचाकर अपने प्राण न्यौछावर करने वाली रिया चौधरी की मां को डीएम जीवन रक्षा अवार्ड से सम्मानित किया। उन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ 60 हजार का चेक दिया गया।
वर्ष 2014 को भौराकलां की रिया चौधरी उस समय अपने पिता सुरेशपाल के सामने आ गई थी, जब कुछ लोगों ने गोलियों से उन पर हमला कर दिया था। इस घटना में रिया चौधरी की मृत्यु हो गई थी। रिया के माता-पिता को भी दो गोलियां लगी थीं।
प्रदेश सरकार की ओर से डीएम ने अपने शिविर कार्यालय पर रिया के पिता सुरेश को प्रशस्ति पत्र और 60 हजार का चेक दिया। सुरेश को जीवन रक्षा मेडल भी दिया गया। डीएम डीके सिंह ने कहा कि बहादुरों का हमेशा सम्मान होता है।
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रिया ने अपने प्राण देकर बहादुरी का परिचय दिया। डीएम डीके सिंह ने बताया कि मृतक लोगों के वारिसान का नाम दर्ज कराने का अभियान शुुरू हो चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीन किसानों के लिए आम आदमी बीमा योजना का अभियान भी लेखपालों को चलाने के लिए कहा गया है। इस बीमा योजना में किसी का नाम छूट गया है तो वह लेखपालों और तहसीलदार को अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
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वर्ष 2014 को भौराकलां की रिया चौधरी उस समय अपने पिता सुरेशपाल के सामने आ गई थी, जब कुछ लोगों ने गोलियों से उन पर हमला कर दिया था। इस घटना में रिया चौधरी की मृत्यु हो गई थी। रिया के माता-पिता को भी दो गोलियां लगी थीं।
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प्रदेश सरकार की ओर से डीएम ने अपने शिविर कार्यालय पर रिया के पिता सुरेश को प्रशस्ति पत्र और 60 हजार का चेक दिया। सुरेश को जीवन रक्षा मेडल भी दिया गया। डीएम डीके सिंह ने कहा कि बहादुरों का हमेशा सम्मान होता है।
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रिया ने अपने प्राण देकर बहादुरी का परिचय दिया। डीएम डीके सिंह ने बताया कि मृतक लोगों के वारिसान का नाम दर्ज कराने का अभियान शुुरू हो चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीन किसानों के लिए आम आदमी बीमा योजना का अभियान भी लेखपालों को चलाने के लिए कहा गया है। इस बीमा योजना में किसी का नाम छूट गया है तो वह लेखपालों और तहसीलदार को अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।