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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - गवाह की हत्या में चाचा-भतीजे को आजीवन कारावास
Fri, 08 Mar 2024 01:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 08 Mar 2024 01:08 AM IST
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- शामली के बहावड़ी गांव की रंजिश में कर दी गई थी हत्या
- थाना सिविल लाइन में दर्ज कराया गया था मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। कचहरी में दिनदहाड़े गवाह की हत्या के मामले में दोषी दो सगे भाइयों और उनके भतीजे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-13 की पीठासीन अधिकारी मंजुला भालोटिया ने फैसला सुनाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार त्यागी और प्रदीप शर्मा ने बताया कि शामली के बहावड़ी गांव की हत्या के मामले में 11 जुलाई 2013 को गवाह देवेंद्र कचहरी आया था। नल पर पानी पीने के दौरान हमलावरों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। वादी धर्मेंद्र कुमार ने आरोपी सगे भाई ओम सिंह व रणवीर सिंह और उनके भतीजे सगे भाई सौरभ व सागर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। ट्रायल के दौरान आरोपी सागर की पत्रावली अलग कर दी गई।
प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-13 में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। आरोपी सगे भाई ओम सिंह व रणवीर सिंह और उनके भतीजे सौरभ पर दोष सिद्ध हुआ। अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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इसलिए की गई थी देवेंद्र की हत्या
बहावड़ी के प्रधान जितेंद्र की 25 जनवरी 2011 को शामली से कार में लौटने के दौरान गांव के पास ही हत्या कर दी गई थी। देवेंद्र इस वारदात में वादी और गवाह था। इसी रंजिश में आरोपियों ने उसकी कचहरी परिसर में हत्या कर दी थी।
सौरभ की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी
लखनऊ जेल में बंद अभियुक्त सौरभ की फैसले के वक्त वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी कराई गई। अदालत में ही पेशी की व्यवस्था की गई थी। उधर, चर्चित मामले को देखते हुए अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
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- थाना सिविल लाइन में दर्ज कराया गया था मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। कचहरी में दिनदहाड़े गवाह की हत्या के मामले में दोषी दो सगे भाइयों और उनके भतीजे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-13 की पीठासीन अधिकारी मंजुला भालोटिया ने फैसला सुनाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार त्यागी और प्रदीप शर्मा ने बताया कि शामली के बहावड़ी गांव की हत्या के मामले में 11 जुलाई 2013 को गवाह देवेंद्र कचहरी आया था। नल पर पानी पीने के दौरान हमलावरों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। वादी धर्मेंद्र कुमार ने आरोपी सगे भाई ओम सिंह व रणवीर सिंह और उनके भतीजे सगे भाई सौरभ व सागर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। ट्रायल के दौरान आरोपी सागर की पत्रावली अलग कर दी गई।
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प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-13 में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। आरोपी सगे भाई ओम सिंह व रणवीर सिंह और उनके भतीजे सौरभ पर दोष सिद्ध हुआ। अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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इसलिए की गई थी देवेंद्र की हत्या
बहावड़ी के प्रधान जितेंद्र की 25 जनवरी 2011 को शामली से कार में लौटने के दौरान गांव के पास ही हत्या कर दी गई थी। देवेंद्र इस वारदात में वादी और गवाह था। इसी रंजिश में आरोपियों ने उसकी कचहरी परिसर में हत्या कर दी थी।
सौरभ की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी
लखनऊ जेल में बंद अभियुक्त सौरभ की फैसले के वक्त वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी कराई गई। अदालत में ही पेशी की व्यवस्था की गई थी। उधर, चर्चित मामले को देखते हुए अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।