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Muzaffarnagar News: पिता-पुत्र समेत तीन दोषियों को आजीवन कारावास
Mon, 01 Sep 2025 11:55 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 01 Sep 2025 11:55 PM IST
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अदालत से
- जानसठ के राजपुर कलां गांव में हत्या का मामला
- फरवरी 2023 में अंजाम दी गई थी हत्या की वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। जानसठ के राजपुर कलां गांव में उधार के रुपयों को लेकर हुए विवाद में मजदूर संजू उर्फ संजीव वाल्मीकि (35) की हत्या के मामले में पिता-पुत्र समेत एक ही परिवार के तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। विशेष न्यायालय/अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) की पीठासीन अधिकारी आशा रानी सिंह ने फैसला सुनाया।
मामला 14 फरवरी 2023 का है। वादी रोहित वाल्मीकि ने मुकदमा दर्ज कराया था कि गांव के ही राजेंद्र कुमार, अपने बेटे मोहित और भाई वीरेंद्र के साथ लाइसेंसी बंदूक और तमंचे लेकर मजदूर संजू उर्फ संजीव वाल्मीकि के घर पहुंचे। गाली-गलौज करते हुए फायरिंग कर दी। हमले में मजदूर उसका चार साल का बेटा शौर्य, आठ साल की बेटी वंदना और भाई मोहित घायल हो गया।
परिजन घायल को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ पहुंचे, यहां संजू की मौत हो गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। प्रकरण की सुनवाई करते हुए अदालत ने तीनों आरोपियों पर दोष सिद्ध किया।
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तीनों को हत्या और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) की धारा में आ जीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। धारा 307 में सात-सात साल का कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया गया।
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क्या थी वजह
हमलावरों ने मजदूर को 200 रुपये उधार दिए थे। रुपये वापस नहीं देने पर कहासुनी हो गई। बात बढ़ने पर हमलावरों ने 14 फरवरी की शाम को राजपुर कलां स्थित उसके घर पहुंचकर लाइसेंसी बंदूक और तमंचे से फायरिंग कर दी थी।
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सचिन का बहनोई है मोहित चौधरी
आजीवन कारावास की सजा पाने वाला मोहित चौधरी असल में 27 अगस्त 2013 को कवाल कांड में मारे गए सचिन का बहनोई है। सचिन की बहन की शादी राजपुर कलां निवासी मोहित के साथ हुई थी। वारदात के बाद पुलिस ने कई महिलाओं को हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद हंगामा हुआ था।
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- जानसठ के राजपुर कलां गांव में हत्या का मामला
- फरवरी 2023 में अंजाम दी गई थी हत्या की वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। जानसठ के राजपुर कलां गांव में उधार के रुपयों को लेकर हुए विवाद में मजदूर संजू उर्फ संजीव वाल्मीकि (35) की हत्या के मामले में पिता-पुत्र समेत एक ही परिवार के तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। विशेष न्यायालय/अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) की पीठासीन अधिकारी आशा रानी सिंह ने फैसला सुनाया।
मामला 14 फरवरी 2023 का है। वादी रोहित वाल्मीकि ने मुकदमा दर्ज कराया था कि गांव के ही राजेंद्र कुमार, अपने बेटे मोहित और भाई वीरेंद्र के साथ लाइसेंसी बंदूक और तमंचे लेकर मजदूर संजू उर्फ संजीव वाल्मीकि के घर पहुंचे। गाली-गलौज करते हुए फायरिंग कर दी। हमले में मजदूर उसका चार साल का बेटा शौर्य, आठ साल की बेटी वंदना और भाई मोहित घायल हो गया।
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परिजन घायल को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ पहुंचे, यहां संजू की मौत हो गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। प्रकरण की सुनवाई करते हुए अदालत ने तीनों आरोपियों पर दोष सिद्ध किया।
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तीनों को हत्या और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) की धारा में आ जीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। धारा 307 में सात-सात साल का कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया गया।
क्या थी वजह
हमलावरों ने मजदूर को 200 रुपये उधार दिए थे। रुपये वापस नहीं देने पर कहासुनी हो गई। बात बढ़ने पर हमलावरों ने 14 फरवरी की शाम को राजपुर कलां स्थित उसके घर पहुंचकर लाइसेंसी बंदूक और तमंचे से फायरिंग कर दी थी।
सचिन का बहनोई है मोहित चौधरी
आजीवन कारावास की सजा पाने वाला मोहित चौधरी असल में 27 अगस्त 2013 को कवाल कांड में मारे गए सचिन का बहनोई है। सचिन की बहन की शादी राजपुर कलां निवासी मोहित के साथ हुई थी। वारदात के बाद पुलिस ने कई महिलाओं को हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद हंगामा हुआ था।