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अपमिश्रित शराब बनाने के आरोपी को आजावीन कारावास
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अपमिश्रित शराब बनाने के आरोपी को आजीवन कारावास
देवबंद (सहारनपुर)। अपमिश्रित शराब बनाने के आरोप में मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपयों के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवीदयाल शर्मा ने बताया कि पुलिस ने 8 मई 2015 को मुखबिर की सूचना पर नगली मेहनाज के जंगल से कच्ची शराब में तीव्रता बढ़ाने के लिए यूरिया मिलाते हुए सुरेंद्रपाल उर्फ माठू पुत्र चंदूराम को गिरफ्तार किया था। जिसके संबंध में एसआई राजकुमार सिंह ने नागल थाने पर अभियुक्त सुरेंद्रपाल निवासी नगली मेहनाज के खिलाफ 60 आबकारी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया था। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में अभियुक्त से बरामद अपमिश्रित शराब में यूरिया मिले होने की पुष्टि हुई थी। उक्त मामले का विचारण अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चला। मंगलवार को अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश डा. राकेश कुमार नैन ने अभियुक्त सुरेंद्रपाल उर्फ माठू को अपमिश्रित शराब बनाने का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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देवबंद (सहारनपुर)। अपमिश्रित शराब बनाने के आरोप में मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपयों के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवीदयाल शर्मा ने बताया कि पुलिस ने 8 मई 2015 को मुखबिर की सूचना पर नगली मेहनाज के जंगल से कच्ची शराब में तीव्रता बढ़ाने के लिए यूरिया मिलाते हुए सुरेंद्रपाल उर्फ माठू पुत्र चंदूराम को गिरफ्तार किया था। जिसके संबंध में एसआई राजकुमार सिंह ने नागल थाने पर अभियुक्त सुरेंद्रपाल निवासी नगली मेहनाज के खिलाफ 60 आबकारी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया था। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में अभियुक्त से बरामद अपमिश्रित शराब में यूरिया मिले होने की पुष्टि हुई थी। उक्त मामले का विचारण अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चला। मंगलवार को अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश डा. राकेश कुमार नैन ने अभियुक्त सुरेंद्रपाल उर्फ माठू को अपमिश्रित शराब बनाने का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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