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अब भोपा में भी तेंदुए की आहट से सनसनी
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भोपा सीएचसी में पैरों के निशान दिखते सीएचसी का स्टाफ व वन कर्मचारी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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सीएचसी परिसर में मिले तेंदुए के पदचिह्नों से मिलते निशान
भोपा। सीएचसी परिसर में देर रात तेंदुए के पदचिह्नों से मिलते-जुलते निशान मिलने से लोग दहशत में आ गए हैं। वहीं, वन विभाग के अफसर इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
मंगलवार को भोपा सीएचसी के कर्मचारी अस्पताल ड्यूटी पर पहुंचे थे। इसी दौरान माली जब सीएचसी परिसर स्थित सरकारी आवास के पीछे पहुंचा, तो वहां एक बिल्ली मृत पड़ी मिली। वहीं, किसी जानवर के पैरों के निशान भी मिले, जिन्हें तेंदुए का होना मानकर माली ने सीएचसी प्रभारी डॉ अन्नू चौधरी को इसकी जानकारी दी। सीएचसी परिसर में तेंदुए के पदचिह्न मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। सीएचसी के पीछे जंगल होने से भी वहां तेंदुआ आने की अफवाह उड़ गई। सीएचसी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई, लेकिन कैमरे बंद मिले। सूचना पर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची, जिसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों को भी वहां बुला लिया गया। जांच के बाद वन विभाग कर्मचारियों ने उक्त पदचिह्नों को तेंदुए के होने से इंकार करते हुए किसी अन्य जंगली जानवर के होना बताया। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि तेंदुआ अधिकांशत: बस्ती व उसके आसपास के साथ ही रोशनी वाले क्षेत्रों में नहीं आता है। जो निशान सीएचसी परिसर में आए हैं, वे किसी ओर जानवर के हैं।
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भोपा। सीएचसी परिसर में देर रात तेंदुए के पदचिह्नों से मिलते-जुलते निशान मिलने से लोग दहशत में आ गए हैं। वहीं, वन विभाग के अफसर इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
मंगलवार को भोपा सीएचसी के कर्मचारी अस्पताल ड्यूटी पर पहुंचे थे। इसी दौरान माली जब सीएचसी परिसर स्थित सरकारी आवास के पीछे पहुंचा, तो वहां एक बिल्ली मृत पड़ी मिली। वहीं, किसी जानवर के पैरों के निशान भी मिले, जिन्हें तेंदुए का होना मानकर माली ने सीएचसी प्रभारी डॉ अन्नू चौधरी को इसकी जानकारी दी। सीएचसी परिसर में तेंदुए के पदचिह्न मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। सीएचसी के पीछे जंगल होने से भी वहां तेंदुआ आने की अफवाह उड़ गई। सीएचसी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई, लेकिन कैमरे बंद मिले। सूचना पर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची, जिसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों को भी वहां बुला लिया गया। जांच के बाद वन विभाग कर्मचारियों ने उक्त पदचिह्नों को तेंदुए के होने से इंकार करते हुए किसी अन्य जंगली जानवर के होना बताया। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि तेंदुआ अधिकांशत: बस्ती व उसके आसपास के साथ ही रोशनी वाले क्षेत्रों में नहीं आता है। जो निशान सीएचसी परिसर में आए हैं, वे किसी ओर जानवर के हैं।
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